बाल विवाह रोकने गठित दलों द्वारा दी जा रही समझाइस समन्वित प्रयासों से रोके गए बाल विवाह

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सीधी धर्मेंद : कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान द्वारा जिले में लाडो अभियान अंतर्गत बाल विवाह रोकने हेतु अनुविभागीय स्तर पर कोर ग्रुप एवं तहसील स्तर पर विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है। वैवाहिक सीजन तथा ‘अक्षय तृतीया‘ 3 मई के अवसर पर विवाह मुहूर्तों में बाल विवाह होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए दलों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा बाल विवाह की सूचना मिलने पर परिजनों को समझाइस दी जा रही है। ग्राम छिरौही में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी शिवानंद शुक्ला, सेक्टर पर्यवेक्षक सुषमा मिश्रा, चैकी प्रभारी भूपेश बैस, जनपद सदस्य सूर्यबली सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी सिंह एवं साधना द्विवेदी द्वारा बालक के परिजनों को बाल विवाह न करने के लिए समझाइस दी गयी। बालक एवं उसके माता पिता के द्वारा शादी न करने के लिए सहमति जताई गई। इसी प्रकार ग्राम सिरसी में महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्यभामा सिंह, सेक्टर पर्यवेक्षक रेखा कुलस्ते, सहायक उपनिरीक्षक जमोड़ी शीला शर्मा, सेक्टर पर्यवेक्षक बरमबाबा ज्योति कोबरेगणे द्वारा बाल विवाह नहीं करने की समझाइश दी गई। बालिका एवं उसके माता-पिता के द्वारा शादी नहीं करने के लिए सहमति जताई गई। कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान ने जिले वासियों से बाल विवाह नहीं कराने और यदि कहीं बाल विवाह संपन्न कराया जा रहा है तो इस संबंध में प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है। इसे सभी के सहयोग से रोका जा सकता है। अतः समस्त जिलेवासी इसमें सहयोग करें और जिले में कहीं भी बाल विवाह होने की स्थिति में प्रशासन को सूचना अवश्य दें।

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