पत्रकार के साथ अमानवीय व्यवहार बेहद निंदनीय कहा विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने

सीधी धर्मेंद : विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक विग्यप्ति जारी करके सीधी पुलिस द्वारा पत्रकार कनिष्क तिवारी के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि पुलिस का यह व्यवहार न केवल पुलिसिया आतंक को दर्शाता है बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार का मीडिया के प्रति उसकी सोच को भी प्रदर्शित करता है ! श्री अजय सिंह ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसकी सजा के लिए संवैधानिक व्यवस्थाएं हैं जिनके माध्यम से अपराध करने वाले व्यक्ति को सजा दी जाती है ! लेकिन सीधी में एक पत्रकार के कपड़े उतरवाकर उसके फोटो वायरल कर उसके साथ जो अमर्यादित व्यवहार किया गया उससे पुलिस का वास्तविक और गैरजिम्मेदाराना चेहरा सामने आया है ! श्री अजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिसमे लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर सीधा हमला किया गया है ! श्री अजय सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से यह साबित होता है कि प्रदेश सरकार पुलिस के माध्यम से मीडिया साथियों पर दहशत का वातावरण निर्मित कर अपनी मर्जी चलाना चाहती है ।—-विगत दिनों थाना कोतवाली सीधी के अपराध क्रमांक 262 ऑब्लिक 22 धारा 419 420 आईपीसी एवं 66 सी 66 डी आईटी एक्ट में अनुराग मिश्रा नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर माननीय विधायक सीधी एवं उनके पुत्र के ऊपर अभद्र भाषा का प्रयोग करके लगातार पोस्ट की जा रही थी जिस पर फेसबुक से प्राप्त जानकारी के आधार पर सीधी पुलिस ने प्रथम दृष्टया नीरज कुलदेव को अभिरक्षा में लेकर लोग शांति काम रखने के लिए प्रतिबंधात्मक धारा के तहत न्यायालय में पेश किया था जिसके बाद 30 से 40 लोग कोतवाली थाने के सामने से निकलने वाली रोड पर बैठकर आवागमन अवरुद्ध करके शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी और सीधी विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे जिस पर कोतवाली पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके ऊपर कार्यवाही की थी उक्त घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई अर्धनग्न फोटो वायरल हो रही है जो उक्त घटना में की गई कार्यवाही के दौरान थाने की है जिसमें लोग अर्धनग्न अवस्था में चड्डी पहने दिख रहे हैं उक्त वायरल फोटो को लेकर पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है और लोग अपने अपने तरीके से उससे अपना लाभ निकालने की कोशिश कर रहे हैं कई राजनीतिक दल तो इसे अलोकतांत्रिक भी बता रहे हैं इस घटना में बवाल मचने के बाद 7 अप्रैल को जिला कोतवाली के नगर निरीक्षक मनोज सोनी नी पत्रकार वार्ता बुलाकर पत्रकारों को पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि उक्त घटना में शामिल सभी लोग पत्रकार नहीं थे उनमें एक यूट्यूब था जिनके ऊपर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई है अर्धनग्न अवस्था की वायरल फोटो को लेकर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है राजनीतिक दलों ने भी इसको तूल पकड़ आने की पुरजोर कोशिश शुरू कर दी है आने वाले कुछ दिनों में यह मामला और तूल पकड़ेगा लेकिन सीधी पुलिस के द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में सोशल मीडिया पर वायरल फोटो को लेकर लग रहे आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं।
