जिला न्यायालय में प्रारंभ हुआ अधिवक्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण

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सीधी धर्मेंद : उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सीधी में अधिवक्ताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर में न्याय सेवा सदन में हुआ। राज्य स्तरीय अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य न्यायाधिपति रवि मलिमथ द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में किया गया, जिसका आॅनलाईन टेलीकास्ट समस्त जिलों में किया गया। जिला न्यायालय सीधी में कार्यक्रम का शुभारंभ 12 फरवरी को प्रातः 10ः30 बजे प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बघेल द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने उद्बोधन में प्रधान जिला न्यायाधीश श्री मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता का उद्देश्य धन कमाने के साथ गरीब एवं पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना होना चाहिए इसलिए एक अच्छे अधिवक्ता में विधि की जानकारी के साथ पक्षकारों की भावनाओं को महसूस करने की विशेषता होती है। श्री मिश्र ने कहा कि अधिवक्ताओं के अपने जीवन में अपनी बेहतर कार्य शैली से समाज में एक अलग छवि बनाना चाहिए क्योंकि विधि व्यवसाय ऐसी वृत्ति है जिसमें सम्बद्ध अधिवक्ताओं को समाज के विभिन्न मानव संबंधों से संव्यवहार करना होता है। प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता न्यायालय में विधि के सिद्धांतों का प्रतिपादन करता है, जिसके अनुसार न्यायाधीश मामलों का निराकरण करते हैं। विधि व्यवसायी की भूमिका केवल वादों के निस्तारण तक न होते हुये समाज में शांतिपूर्ण व्यवस्था रखने में भी महत्वपूर्ण होती है। अमिताभ मिश्र ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अधिवक्ताओं को कानूनों की बारिकियों की जानकारी प्राप्त होगी जो उन्हें जीवनभर सहयोग करेगी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विधि व्यवसाय समय के साथ परिपक्व होता है इसलिए अधिवक्ताओं को प्रत्येक क्षण विधि का अध्ययन करते रहना चाहिए। श्री बघेल ने अधिवक्ताओं के लिए आयोजित किये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु उच्च न्यायालय तथा प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिवक्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 12 फरवरी एवं 13 फरवरी को न्याय सेवा सदन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिनांक 12 फरवरी को जिला न्यायाधीश देवीलाल सोनिया द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता तथा वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया के माध्यम से अधिवक्ताओं द्वारा न्याय दान में प्रक्रिया, जिला न्यायाीधश श्री ललित कुमार झा द्वारा अभिवचनों के सिद्धांत विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। दोपहर पश्चात जिला न्यायाधीश राजेश सिंह द्वारा प्राथमिक, द्वितीयक एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्य तथा अन्वेषण में वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व तथा आपराधिक प्रकरणों के विचारण में समकालीन विकास के विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र, जिला न्यायाधीश, उमेश कुमार शर्मा, वीरेन्द्र कुमार, ललित कुमार झा, राजेश सिंह एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक द्वारा प्रशिक्षार्थी अभिभाषकों के साथ पारस्परिक संवाद किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिनांक 13 फरवरी को प्रातः 10ः30 बजे से जिला न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा, रामपुर नैकिन के न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेन्द्र सिंह परिहार एवं शैलेन्द्र रैकवार तथा चुरहट की न्यायिक मजिस्ट्रेट वैशाली बडेरिया द्वारा साक्ष्यों का परीक्षण, प्रतिपरीक्षण एवं परीक्षण से संबंधित विधियों, दोपहर 12 बजे से जिला न्यायाधीश विवेक सिंह, चुरहट की न्यायिक मजिस्ट्रेट भाविनी सिंह, मझौली के न्यायिक मजिस्ट्रेट धनकुमार कोडोपा एवं प्रीति प्रसाद द्वारा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों एवं गरीब तथा पिछड़े तबकों के व्यक्तियों के विरूद्ध होने वाले अपराधों तथा इन अपराधों में अधिवक्ता संघ की संवेदनशीलता के बारे में प्रशिक्षण दिया जायेगा। दोपहर पश्चात जिला न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति पाण्डे एवं मझौली के न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज ठाकुर के द्वारा पूर्व निर्णय की विधियों तथा विधि अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र एवं जिला न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक द्वारा समस्त प्रशिक्षार्थी अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संवाद किया जावेगा। अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ सीधी, चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली के अधिवक्ताओं द्वारा सहभागिता की जा रही है।

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