आउटसोर्स भर्ती में बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ भर्ती प्रक्रिया की जांच कराएं और तब तक इंटरव्यू स्थगित करें कहा अजयसिंह राहुल ने

सीधी धर्मेंद : पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने एक विग्यप्ति जारी करके आरोप लगाया है कि प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के लिए पहले से ही बदनाम मध्यप्रदेश में सेडमेप के जरिये आउटसोर्स भर्ती के नाम पर अब बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है| सेडमेप यानि उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से सरकार के विभिन्न विभागों में आउट सोर्स कर्मचारी उपलब्ध कराए जाते हैं| राज्य सरकार का यह उपक्रम चहेतों तो उपकृत करने का अड्डा बनता जा रहा है अभी हाल ही पंचायतों में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो पारदर्शी तो दिखाई जा रही है, लेकिन है नहीं| अजयसिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 1146 पदों पर बिना कट ऑफ जारी किये चहेतों को इंटरव्यू के लिए बुला लिया गया है| उन्होंने सीएम शिवराजसिंह से इसकी जांच की मांग की है और जांच होने तक इंटरव्यू स्थगित करने का आग्रह किया है| उन्होंने कहा कि शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और मूल निवासी प्रमाणपत्र के आधार पर इंटरव्यू की मेरिट लिस्ट बनायी गई है जिसमें घपला करने की पूरी पूरी गुंजाइश है यदि प्रक्रिया पारदर्शी है तो कट ऑफ जारी किया जाना चाहिये था| अजय सिंह ने कहा कि अव्वल तो आउटसोर्स प्रणाली ही गलत है यह तात्कालिक आवश्यकता के लिए ठीक है लेकिन सरकार ने इसे प्रेक्टिस बना लिया है और इसके माध्यम से अपनों को उपकृत किया जा रहा है| नियमित भर्ती यदि नहीं की जा रही है तो कम से कम मूल वेतन पर संविदा नियुक्तियां तो की ही जा सकती है| सरकार कम वेतन पर आउट सोर्स कर्मचारी भर्ती कर बेरोजगारों की मजबूरी का फायदा उठा रही है| इतने सारे पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाना चाहिए| इससे हजारों बेरोजगारों को मौका मिलता और पारदर्शिता झलकती| लेकिन ऐसा नहीं हुआ| आउटसोर्स से भर्ती कर्मचारी कुछ सालों बाद फिर सड़क पर आ जायेंगे| उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में बेरोजगारों का शोषण रोकने मांग की है i
