पनवार चैहानन टोला में मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सीधी धर्मेंद : मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र के मार्गदर्शन में ग्राम पनवार चैहाननटोला में मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यस्थता के संबंध में सरल भाषा में समझाते हुये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के सचिव डी.एल. सोनिया के द्वारा बताया गया कि मध्यस्थता प्रक्रिया में न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकरों के बीच समझौता कराया जाता है। यह समझौता एक प्रशिक्षित मध्यस्थ द्वारा कराया जाता है। सिविल प्रकरणों, पारिवारिक प्रकरणों, वैवाहिक प्रकरणों एवं ऐसे समस्त प्रकरण जो विधि अनुसार समझौता योग्य होते हंै उन्हें न्यायालय द्वारा मध्यस्थता केन्द्र प्रेषित किया जाता है, मध्यस्थता केन्द्र में प्रशिक्षित मध्यस्थ द्वारा पक्षकारों से आपसी सलाह विमर्श करते हुये समझौता के निबंधन तैयार किये जाते है तथा प्रकरण को वापस न्यायालय प्रेषित कर दिया जाता है। न्यायालय द्वारा राजीनामा के निबंधनों के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जाता है। मध्यस्थता से निराकृत होने वाले प्रकरणों में पक्षकार कोर्ट फीस वापसी के हकदार होते हैं। श्री सोनिया ने निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी देते हुये बताया कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला, 18 वर्ष से कम उम्र का बालक, अभिरक्षा में निरूद्ध हो या जिसकी वार्षिक आय 2 लाख रू से कम है, उसे न्यायालयीन प्रकरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता दी जाती है।
