रेलवे विभाग एवं अल्ट्राटेक कंपनी कर रही युवाओं के साथ धोखा किसान कांग्रेस महामंत्री सुरेश पाण्डेय ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

सीधी धर्मेंद : जिले में ललितपुर सिंगरौली रेलवे लाइन को लेकर शेष बची 27 गांवों में शासन द्वारा युवाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर छलावा कर रही है। यहां तक की टुकडों में बेच गई जमीन को भू स्वामी के नाम पर अधिग्रहित करने का काम बिल्कुल उचित नहीं है। जिस तरह पहले जमीन अधिग्रहित करने के बाद लोगों को रोजगार दिया था उसी परिपेक्ष्य में फिर से रोजगार दिलाया जाये। साथ ही अल्ट्राटेक कंपनी बघवार में भी १२२ लोगों का जमीन अधिग्रहित करने के बाद उन्हे रोजगार से बंचित किया जा रहा है। इन मामलों पर प्रदेश किसान कांग्रेस महामंत्री सुरेश पाण्डेय द्वारा आज कलेक्टर को ज्ञापन सौपा गया ज्ञापन सौपने के बाद श्री पाण्डेय ने मिडिया को बताया कि जिला अंतर्गत 27 ग्रामों का अधिग्रहण की कार्यवाही प्रचलन में है अवार्ड की कार्यवाही 30 जून 2017 को अनुदान हेतु जिला कार्यालय उपखंड अधिकारी सिहावल द्वारा भेजा गया था जिला कार्यालय लंबे समय तक कोई कार्यवाही ना कर दिनांक 8 मई 2019 को संज्ञान में लिया गया। भू अधिग्रहण अधिनियम अनुसार लेख बंद्धकर 1 वर्ष की अवधि जिला कलेक्टर को बढ़ाने का अधिकार था किंतु ऐसा ना करते हुए मनमानी कार्यवाही की जा रही थी। इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर सीधी द्वारा पत्र क्रमांक 205 स्टेनो 2019 नी का दिनांक 2 अगस्त 2019 को अपर सचिव राजस्व को पत्र भेजा गया जिस संदर्भ में राजस्व विभाग से स्पष्ट उल्लेख किया गया कि पूर्व में ही 24 अगस्त 2018 एवं 23 जून 2018 को समय व्यपगत हो चुका है जिसके कारण रेलवे द्वारा जारी विज्ञप्ति नवंबर 2019 के बाद रोजगार देने मैं प्रतिबंध लगा दिया गया राजपत्र में जारी सूचना में ग्राम चंदवाही के पूर्व में जारी 198 हितबद्ध कृषक के स्थान पर पुरानै भूमि स्वामियों का 48 धान पर कार्यवाही की जा रही है इस संबंध में रेलवे द्वारा भी जानकारी चाही गई माननीय से अनुरोध है 27 ग्राम के किसानों को न्याय की दृष्टि से की जा रही कार्यवाही में सम्मिलित कर कार्यालय ऋटिका उल्लेख कर गरीब युवा मजदूरों को रोजगार दिलाने में आवश्यक सहयोग करने की मांग की गई है। किसान कांग्रेस प्रदेश महामंत्री एवं किसान कांग्रेस उपभोक्ता संरक्षण के अध्यक्ष सुरेश पाण्डेय ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के माग अनुसार जांच कमेटी का गठन किया गया था जांच कमेटी द्वारा जांच कर किसान मजदूरों के साथ हो रहे शोषण रोजगार ना देने जिन्हें दिया गया उन्हें ठेकेदार से भुगतान कम मजदूरी देने का प्रतिवेदन क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर महोदय को सौंपा गया कलेक्टर महोदय द्वारा जांच अनुसार कार्यवाही है अल्ट्राटेक कंपनी को क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारी किया किंतु कंपनी के तानाशाह अनदेखी करते हुए आज तक किसान मजदूरों को न्याय नहीं दे पा रहा विवश होकर धरना प्रदर्शन करना पड़ा है विगत वर्ष 8 दिन के लिए संबंधित रोजगार मजदूरों को जेल भेज दिया गया था कंपनी द्वारा पूर्व में लिखित में एक सदस्य को रोजगार देने के लिए लिखित में लिया गया है ज्ञापन सौपने के दौरान नीलेश तिवारी, रमेश मिश्रा, लवकुश तिवारी, नरेन्द्रमणि तिवारी, दादूराम तिवारी, राजेन्द्रमणि तिवारी, विनोद पाण्डेय, लवकुश साकेत, विनोद कुशवाहा सहित भारी संख्या में लोगों की उपस्थित रहे।
