शिव कथा जीवन को स्वच्छ बनाने की प्रेरणा देती है कहा व्यासपीठ से पंडित बांके बिहारी ने

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सीधी धर्मेंद : सीधी -शहर के थनहवा टोला मे चल रही संगीतमय शिव महापुराण महोत्सव के दौरान कथा व्यास बांके बिहारी साहित्याचार्य ने बताया हिंदू धर्म में भगवान शिव को सभी देवी देवताओं में सबसे बड़ा माना जाता है. ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ही दुनिया को चलाते हैं. वह जितने भोले हैं उतने ही गुस्‍सै वाले भी हैं. शास्‍त्रों के मुताबिक सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. शिव जी को प्रसन्‍न करने के लिए लोग व्रत करते हैं. क्या आपको पता है कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अनूठा और और अद्भूत था. शिव विवाह से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं. कहते हैं कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अलग ढंग से हुआ था और उनकी बारात भी सबसे अलग थी. व्यास जी ने बताया भगवान शिव के विवाह के बारे में पुराणों में वर्णन मिलता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने सबसे पहले सती से विवाह किया था. भगवान शिव का यह विवाह बड़ी जटिल परिस्थितियों में हुआ था. सती के पिता दक्ष भगवान शिव से अपने पुत्री का विवाह नहीं करना चाहते थे लेकिन ब्रह्मा जी के कहने पर यह विवाह सम्पन्न हो गया विवाह की बात तय होने के बाद भगवान शिव की बारात की तैयार हुई. इस बारात में देवता, दानव, गण, जानवर सभी लोग शामिल हुए. भगवान शिव की बारात में भूत पिशाच भी पहुंचे. ऐसी बारात को देखकर पार्वती जी की मां बहुत डर गईं और कहा कि वे ऐसे वर को अपनी पुत्री को नहीं सौंप सकती हैं. तब देवताओं ने भगवान शिव को परंपरा के अनुसार तैयार किया, सुंदर तरीके से श्रृंगार किया इसके बाद दोनों का विवाह सम्पन्न हुआ। वृंदावन से आए कलाकार द्वारा शंकर पार्वती का रूप झांकी प्रस्तुत की गई गाजे बाजे साथ नृत्य करते हुए बरात निकाल जहां वरमाला पहनाकर विवाह संपन्न हुआ तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालु भक्तगण पौपखरी कर यथाशक्ति सामग्री, मुद्रा अर्पित करते हुए सभी ने शिव विवाह का आनंद लिया और पुण्य के भागी बने।इस दौरान मुख्य यजमान चौरसिया सोनी परीक्षित पारस लाल सोनी श्रीमती सावित्री सोनी सहित उपस्थित श्रोताओ ने पुण्य लाभ प्राप्त किया।

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