नेबुहा में विधिक साक्षरता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सीधी धर्मेंद : प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र के मार्गदर्शन में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी द्वारा ग्राम पंचायत नेबुहा में विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साक्षरता कार्यक्रम में अपर जिला न्यायाधीश देवीलाल सोनिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि आपसी राजीनामा से प्रकरणों का निराकरण सर्वोत्तम तरीका है जिससे समय एवं धन की क्षति रूकती है और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। श्री सोनिया ने 11 दिसंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की जानकारी देते हुए कहा कि समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया जा रहा है जिससे प्रकरण पूरी तरह समाप्त हो जाता है और सभी पक्षकारों की जीत होती है। श्री सोनिया ने मध्यस्थता प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत न्यायालय के बाहर आपसी समझौता होता है जिसे वापस न्यायालय में प्रेषित किया जाता है, तद्नुसार न्यायालय द्वारा समझौते का निर्णय दिया जाता है। श्री सोनिया ने उपस्थित व्यक्तियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम तथा कन्या भ्रूण हत्या अधिनियम के विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। विधिक सहायता अमित शर्मा ने निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना एवं आयुष्मान योजना तथा अधिवक्ता विनोद श्रीवास्तव ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में नेबुहा के सरपंच रूकमणी प्रसाद भूर्तिया, सचिव संगीता सिंह चैहान, रोजगार सहायक हेमंत भूर्तिया, शंकर सिंह चैहान सहित नेबुहा तथा आसपास के गांव के निवासी उपस्थित रहे। सिविल न्यायालय चुरहट द्वारा ग्राम बूसी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें न्यायाधीशगण शशांक नंदन भट्ट तथा भाविनी सिंह ने बालकों का संरक्षण एवं देख-रेख नियम तथा मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के विधिक अधिकारों की जानकारी दी।
