नेशनल लोक अदालत में हुआ 1454 प्रकरणों का निराकरण

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सीधी धर्मेंद : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 11 सितंबर को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र द्वारा जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलन कर किया गया। शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि जिला सीधी में उनकी यह पहली नेशनल लोक अदालत है। श्री मिश्र ने कहा कि नेशनल लोक अदालत नई संकल्पना नहीं है। पुराने जमाने में पंचायत स्तर पर बैठकर आपसी सहमति से प्रकरणों को सुलझा लिया जाता था इसी क्रम में नेशनल लोक अदालत में भी पक्षकारों की आपसी सहमति से प्रकरणों का निराकरण होता है तथा प्रकरण पूरी तरह समाप्त हो जाता है। श्री मिश्र ने कहा कि नेशनल लोक अदालत में ऐसे आपराधिक प्रकरणों का भी निराकरण होता है जो कि राजीनामा योग्य है, आपसी सहमति से निराकरण होने पर पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों मंे लम्बित कुल 3251 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 289 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसी प्रकार कुल 39 हजार 580 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 1175 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा के अन्तर्गत 39 क्लेम प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें पक्षकारांे को 80 लाख 61 हजार 500 रूपये की क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त हुई। विद्युत अधिनियम से संबंधित एवं न्यायालय में लंबित 81 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 4 लाख 16 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा विद्युत के 788 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 20 लाख 88 हजार रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। नेशनल लोक अदालत में 54 लाख 93 हजार 329 रूपये के चेक बाउंस के 32 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में 41 आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरणांे, 27 वैवाहिक प्रकरणांे, 48 सिविल प्रकरणांे का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में बैंक वसूली के 196 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें विभिन्न बंैकांे को 1 करोड़ 30 लाख 24 हजार 918 रूपये की राशि प्राप्त हुई। नगरीय निकाय के अन्तर्गत, जलकर के 66 प्रकरणों एवं संपत्तिकर के 125 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें नगरीय निकायो को 6 लाख 65 हजार 872 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले पक्षकारों को वन विभाग की ओर से   निःशुल्क फलदार पौधे प्रदान किये गये।

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