शिक्षक दिवस पर सुग्रीव ग्रामीण सद्भावना समिति सुपेला ने बहरी में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया

सीधी धर्मेंद : जिनकी याद में गुरु शिष्य की परम्परा जीवित है ऐसे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पूरे भारत बर्ष में शिक्षक दिवस के रूप में गरिमापूर्ण तरीके से मनाई गई सीधी जिले में प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुग्रीव ग्रामीण सद्भावना समिति सुपेला द्वारा बहरी में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब एक सौ शिक्षक सम्मिलित हुए । इन सभी को शाल,श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा की शिक्षा ही धूरी है जिससे व्यक्ति संस्कारवान एवं चरित्रवान बनता है। शिक्षक की गरिमा से ही पूरा समाज आलोकित है। शिक्षा ही व्यक्ति को मनुष्य बनाती है।सृष्टि में प्रकृति की सर्वोत्तम कृति है मनुष्य। मनुष्य जब चरित्रवान और संस्कारवान होता है तभी शिक्षा सार्थक होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक न केवल विद्यार्थी के व्यक्तित्व का निर्माता, बल्कि राष्ट्र का निर्माता भी होता है। किसी राष्ट्र का मूर्तरूप उसके नागरिकों में ही निहित होता है। किसी राष्ट्र के विकास में उसके भावी नागरिकों को गढ़नेवाले शिक्षकों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान से ही हम जीवन में उन्नति प्राप्त कर सकते है। भारत की प्राचीन परंपरा गुरु शिष्य वर्तमान संदर्भ में भी प्रासंगिक है। कोई भी शिष्य अपनी उन्नति के चरम पर बिना गुरु के नहीं पहुंच सकता । कार्यकर्म में शामिल सभी शिक्षको को शाल,श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ पी के सिंह ,सेवानिवृत्त प्राध्यापक श्री कमल शर्मा, सुग्रीव ग्रामीण सद्भावना समिति अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष सिहावल श्री श्रीमान सिंह, उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी सीधी श्री अंबिकेश पांडे अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बहरी श्री परमजीत पांडे जिला पंचायत सदस्य श्री नरेंद्र सिंह भंवर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थिति थे।
