रक्षा बंधन का त्योहार हर साल श्रावण की पूर्णिमा को ही क्यों मनाया जाता है ,जानिए इसका महत्व


Himani Rautela Nainital
रक्षाबंधन का त्यौहार कल यानी कि 22 अगस्त को मनाया जाएगा,पौराणिक कथाओं में पुराण में रक्षाबंधन से संबंधित लेख देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर इन लेखों में यह देखने के लिए मिलता है ,कि किस प्रकार राजावली ने स्वर्ग पर अधिकार जमा लिया था जिसके कारण देवराज इंद्र भयभीत हो गए थे ,और अपनी रक्षा के लिए भगवान विष्णु के पास गए थे और वे स्वर्गीय की रक्षा के लिए एक ब्राह्मण का रूप लिया और राजा बलि से भिक्षा मांगने गए राजा बलि को उनके गुरु के कई बार मना करने पर भी उन्होंने भूमि दान कर दी

इस प्रकार भगवान विष्णु ने राजा बलि को रस ताल में पहुंचा दिया और राजा बलि ने भगवान विष्णु से यह वचन दिया कि वे सदा ही उनके सामने रहेंगे जिसके कारण लक्ष्मी माता चिंतित होने लगी और वह राजा बलि के पास गई और उन्हें अपना भाई बनाया और उन्हें राखी बांधी और राजा बलि यहां पर खुश होकर उन्होंने विष्णु भगवान को लक्ष्मी माता को सौंप दिया और वहां से भेज दिया वह दिन श्रावण का महीना था तभी से पूरे भारतवर्ष में राखी का त्यौहार मनाया जाता है

हिंदुओं में प्रचलित यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जो भाई बहनों के बीच में मनाया जाता है यह त्यौहार हिंदू परंपरा के अनुसार एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जिससे भारत में लगभग सभी धर्मों के लोगों के द्वारा मनाया जाता है और संपूर्ण भारत में इस त्यौहार का एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है यह भाई बहनों का एक महत्वपूर्ण दिन होता है जिसे बहने और भाई मिलकर बड़ी उत्साह से मनाते हैं
यदि हम भारत में भाई बहनों के प्रेम की बात करते हैं तो भाई अपनी बहन को अपना कर्तव्य समझता है और अपनी जिम्मेदारी समझता है वैसे तो भाई बहनों के प्रेम को व्यक्त करने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं है भाई बहनों का प्रेम तो घर में उनके छोटे-छोटे झगड़ों से रूठने मनाने से पता चल जाता है यह त्यौहार पूरे भारतवर्ष में कई वर्षों से मनाते आ रहे हैं।

रक्षाबंधन का त्यौहार आज के समय में हमारी एक संस्कृति और पहचान बन चुका है और भारत में रहने वाले सभी लोगों के लिए यह त्यौहार एक गर्व है जहां भारत देश में इस त्यौहार को एक महत्वपूर्ण त्यौहार के रूप में देखा जाता है वहीं पर भारत में तथा अन्य जगहों पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कई बहनों को गर्भ में ही खत्म कर देते हैं ऐसे लोग निंदा के काबिल होते हैं।
