जन शिक्षण संस्थान सभागार में पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण के साथ स्वच्छता पखवाड़े का हुआ समापन

सीधी धर्मेंद : स्वच्छता की गतिविधियों के आयोजन का उद्देश्य यह नहीं है कि हम इसे एक गतिविधि समझ कर भूल जाएं बल्कि जरूरत इस बात की है कि प्रत्येक आयोजन से संबंधित विषयों को आत्मसात् कर उनके माध्यम से हम अपने घर, गाॅव और परिवेश को साफ सुथरा रखने हेतु एक स्वयं सेवी की तरह कार्य करते हुए अपने आस-पास साफ सुथरे वातावरण का निर्माण करें। व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनाकर हमें नई-नई बीमारियों तथा महामारियों से लड़ने की जरूरत है। यह विचार कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार विगत 15 जुलाई से 31 जुलाई 2021 तक जन शिक्षण संस्थान सीधी द्वारा आयोजित किये गये स्वच्छता पखवाड़ा के समापन समारोह पर संस्थान की अध्यक्ष मंजू सिंह द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक जय सिंह ने कहा कि यह पखवाड़े का समापन नहीं बल्कि स्वच्छता का आगाज है क्योंकि इस आयोजन का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब हम इन गतिविधियों से सीख लेते हुए निरंतर इनके माध्यम से अपने परिवेश को स्वच्छ रखने हेतु प्रयत्न करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित धमेन्द्र सिंह द्वारा यह कहा गया कि हमें गंदगी के लिए किसी विभाग को दोष देने की वजाए स्वच्छता हेतु अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन खुद करना चाहिए। वरिष्ठ लेखाकार आर.डी.बर्मा द्वारा यह कहा गया कि स्वच्छता के लिए सबसे पहली जरूरत व्यक्ति के मन का साफ होना आवश्यक है क्योंकि तभी हम खुद को एकाग्र कर साफ-सफाई के प्रति अपने आप को जागृत कर पायेंगे। ग्रामीण अंचलों में इस पखवाड़े के आयोजन में अपनी प्रमुख भूमिका का निर्वहन करने वाले ग्राम पंचायत के स्वयं सेवियों, अनुदेशकों तथा प्रशिक्षणार्थियों को समापन समारोह के अवसर पर प्रषस्ति पत्र तथा आयोजित प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कार देकर अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया तथा विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्ति किया गया एवं भविष्य में उनसे इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा की गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम अधिकारी बृजेन्द्र सिंह द्वारा लगातार चले 15 दिवसीय स्वच्छता गतिविधियों का संपूर्ण व्यौरा प्रस्तुत किया गया।
