जन शिक्षण संस्थान सीधी द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के तहत महिलाओ को किया गया सेनेटरी पैड का वितरण

सीधी धर्मेंद : व्यक्तिगत स्वच्छता एवं सफाई को दृष्टिगत रखते हुए जन शिक्षण संस्थान सीधी द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अगले चरण में ग्राम पंचायत हड़बड़ो में सेनेटरी पैड के उपयोग हेतु घर घर जाकर सर्वे कार्य किया गया एवं महिलाओ को सेनेटरी पैड का वितरण तथा सफल प्रशिक्षणार्थियों को सरपंच तथा जनपद सदस्य के द्वारा प्रमाण पत्र भी बाटे गए। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित आगनवाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य रेखा सिंह द्वारा प्रतिभागियों को सेनेटरी पैड के उपयोग से होने वाली लाभ के बारे में खुलकर चर्चा की गई तथा यह भी बताया गया कि माहवारी के दौरान गंदे कपड़े का उपयोग करना बेहद खतरनाक है। इसका उपयोग आगे चलकर कई तरह के यौन जनित बीमारियों को जन्म देता है तथा बाझपन को भी आमंत्रण देता है। बाजार में उपलब्ध सेनेटरी पैड काफी सस्ते एवं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है अतः इनका उपयोग कर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि ग्राम पंचायत सरपंच अम्बर सिंह एवं जनपद सदस्य दीपक सिंह द्वारा जन शिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण केन्द्र तथा जागरूकता मूलक कार्यक्रमो के आयोजन की प्रशंसा करते हुए यह कहा गया कि इस तरह के आयोजनो से निश्चित ही ग्रामीण महिलाओ में इस गंभीर विषय को समझने तथा सेनेटरी पैड के उपयोग के प्रति जागरूकता आयेगी जो इन्हे कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलायेगी। सरपंच एवं जनपद सदस्य द्वारा इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्रो का भी वितरण किया गया। संस्थान के निदेशक जय सिंह द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए यह कहा गया कि ऐेसे कार्यक्रमो में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता निश्चित रूप से प्रतिभागियो में एक नए उत्साह का संचार करती है। स्वच्छता पखवाड़ा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने में सहायक सिद्ध होगा तथा उन्हे कई तरह की यौनजनित बीमारियों से मुक्त रखेगा।कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम अधिकारी ब्रिजेन्द्र सिंह तथा स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी मीना सिंह द्वारा प्रतिभागियों को सेनेटरी पैड के फायदे तथा घर और परिवेश की स्वच्छता के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र सिंह, अनिल गुप्ता, सुमन सिंह, शोभा सिंह आदि का योगदान रहा।
