सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से पूरे नैनीताल शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे


सरोवर नगरीसरोवर नगरी नैनीताल जो अपनी साफ सुथरी सड़को प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है लेकिन देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 19 जुलाई से कार्य बहिष्कार पर है। सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से पूरे शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगने लगे है।नालियां कूड़े से भर गई है सड़को पर चलना भारी हो गया है जिस रास्ते से भी गुज़रो वही भयंकर दुर्गंध आ रही है।नैनीताल के पर्यटन स्थल भी कूड़े से लदे हुए हुए है।यहाँ तक कि बारिश के पानी मे शहर में बिखरा हुआ कूड़ा बह कर झील में समावेशित हो रहा है जिसकी वजह से झील भी कूड़े से भरने लगी है।सफाई कर्मचारियों की मांगों को अब अनदेखा किया जा रहा है,


संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद ने बताया कि बीते कई समय से संघ के कर्मचारी लगातार नगर पालिका से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया जा रहा था जिसके चलते 19 जुलाई से समस्त कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है उनका कहना है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो समस्त कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। नैनीताल जो अपनी साफ सुथरी सड़को प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है लेकिन देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 19 जुलाई से कार्य बहिष्कार पर है। सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से पूरे शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगने लगे है।नालियां कूड़े से भर गई है सड़को पर चलना भारी हो गया है जिस रास्ते से भी गुज़रो वही भयंकर दुर्गंध आ रही है।नैनीताल के पर्यटन स्थल भी कूड़े से लदे हुए हुए है।यहाँ तक कि बारिश के पानी मे शहर में बिखरा हुआ कूड़ा बह कर झील में समावेशित हो रहा है जिसकी वजह से झील भी कूड़े से भरने लगी है।सफाई कर्मचारियों की मांगों को अब अनदेखा किया जा रहा है,
संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद ने बताया कि बीते कई समय से संघ के कर्मचारी लगातार नगर पालिका से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया जा रहा था जिसके चलते 19 जुलाई से समस्त कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है उनका कहना है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो समस्त कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
