वन अमले ने सूझ बूझ से बचाई राष्ट्रीय पक्षी की जानए ग्रामीणों ने ली राहत भरी सांस

सीधी धर्मेंद : मोर जिसका ख्याल आते ही एक ऐसा मनमोहक दृश्य उभरकर सामने आता है जो बेहद सुखद एहसास कराता है। मोर को नाचते हुए देखना भला किसे रोमांचित नहीं करता। अपने एक रंगण्बिरंगे पंखों से मंत्रमुग्ध कर देना वाला पक्षी मोर का अस्तित्व केवल एक पक्षी होने तक ही नहीं सीमित है बल्कि यह हमारा राष्ट्रीय पक्षी भी है। मोर का नाम आते ही मन मे सामान्य रूप से राष्ट्रीय पक्षी होने के नाते देश भक्ति की भावना ओत प्रोत होने लगती है। ऐसे मे जब मोर का जीवन संकट मे हो तो आम जन हों या वन विभाग अमला भला पीछे कैसे रहे। जी हॉ हम बात कर रहे हैं जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम ग्राम मुग्वारी मड़वा की जहॉ जंगलो से होते हुए मोर गॉव तक पहुच गया और यहॉ आकर अपनी जान बचाने के उद्देश्य से यह आक्रामक हो गया और बच्चो सहित ग्रामीणों को निशाना बनाते हुए चोंटिल करने लगा। जिसकी शिकायत वन मंडल अधिकारी सीधी से कि गयीए जिनके द्वारा त्वरित रूप से रेस्क्यू दल गठित कर मुग्वारी की ओर भेजा गया। जहॉ टीम ने सफलता पूर्वक मोर को पकड़ कर गॉव वालों मे व्याप्त भय को समाप्त किया है वहीं मोर के जीवन को सुरक्षित करने हेतु उसे वन परिक्षेत्र बहरी बदरखाड़ा के जंगलो मे छोड़ा गया।
