नेशनल लोक अदालत 10 जुलाई को नगरीय निकाय श्रम बैंक वसूली से संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का किया जायेगा निराकरण

सीधी धर्मेंद : म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित नेशनल लोक अदालतों के क्रम मे वर्ष 2021 की प्रथम नेशनल नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 10 जुलाई को जिला न्यायालय सीधी तथा व्यवहार न्यायालय चुरहट/ मझौली/रामपुर नैकिन मे किया जावेगा। दिनांक 10 जुलाई 2021 को आयोजित नेशनल लोक अदालत मे म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के ज्ञापन 1503/21 दिनांक 02.07.2021 अनुसार नगरीय विकास एवं आवास विभाग एवं म.प्र. ऊर्जा विभाग विभाग द्वारा दी गई छूट के अनुसार नगरपालिका सीधी के संपत्ति कर एवं जलकर के प्रकरणांे एवं विद्युत प्रकरणों मे मिलने वाली छूट निम्नानुसार है संपत्ति कर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार राशि में 100 प्रतिशत तक की छूट, व कर की राशि तथा अधिभार की राशि रूपये 50 हजार रूपये से 1 लाख रूपये तक कर बकाया होने पर 50 प्रतिशत की छूट, 1 लाख से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिवार में 25 प्रतिशत की छूट दी गई है। जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये तक बकाया होने पर अधिभार राशि मे 100 प्रतिशत तक की छूट। जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये से अधिक तथा 50 हजार रूपये तक बकाया होने तक मात्र अधिभार राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट। तथा 50 हजार रूपये तक बकाया होने तक मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत तक की छूट। 50 हजार रूपये से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार राशि मे 50 प्रतिशत की छूट। छूट उपरांत राशि अधिकतम दो किस्तों में जमा की जा सकेगी, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। यह छूट मात्र वर्ष 2019-20 तक की बकाया राशि पर देय होगी। विद्युत संबंधी प्रकरणांे के अधिक से अधिक निराकरण हेतु विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, एवं 126 के अन्तर्गत निम्न दाबा श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जा रही है प्रीलिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्य की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान मे चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी किये जाने कि तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छमाही चकवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले व्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। न्यायालयों मे लबित प्रकरणों मे कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्य की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान मे चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी किये जाने कि तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। सामान्य बिजली के बिलो के विरूद्व बकाया राशि पर कोई छूट नही दी जायेगी तथा यह छूट मात्र दिनांक 10 जुलाई 2021 को आयोजित नेशनल लोक अदालत मे समझौता करने के लिये ही लागू होगी। आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुस्त भुगतान करना होगा। अधिनियम के अनुसार अपराध शमन फीस वसूल की जावेगी। नेशनल लोक अदालत मे छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी /अनाधिकृत उपयोग पहली वार करने पर ही दी जावेगी। विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों मे पूर्व की लोक अदालत/अदालतों मे छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नही होगें।नेशनल लोक अदालत में नगरीय निकाय, श्रम, बैंक वसूली से संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। न्यायालयो में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों जिनमंे चेकों से संबंधित धारा 138 के मामलों एवं दीवानी प्रकरणो मे लोक अदालत के माध्यम से राजीनामा होने पर भुगतान किया गया न्याय शुल्क 100 प्रतिशत वापस मिल सकेगा। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण होने पर पक्षकारों को आर्थिक हानि से बचाव होता है तथा जटिल न्यायालयीन प्रक्रिया से छुटकारा प्राप्त होता है। अपर जिला न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी डी.एल. सोनिया ने जन सामान्य से नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण कराने एवं न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
