कोरोना योद्धा उषा मिश्रा के आश्रितों को मदद दिलाने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन एटक ने सौपा कलेक्टर को ज्ञापन

सीधी धर्मेंद : मध्य प्रदेश की सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान कोरोना योद्धा घोषित किए गए फ्रंटलाइन वर्करों के मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को कई तरह की मदद देने की घोषणा की थी सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली के ग्राम सोनबरसा में पदस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उषा मिश्रा का कोरोना संक्रमण के बाद 9 जून को संजय गांधी स्मृति अस्पताल रीवा में इलाज के दौरान निधन हो गया आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उषा मिश्रा अपने पीछे 2 पुत्र रितेश मिश्रा और रजनीश मिश्रा को छोड़ गई हैं अब वह निराश्रित है उषा मिश्रा के पति का भी पूर्व में निधन हो चुका है ऐसे में 20 दिन से भी अधिक समय बीत जाने के बाद शासन प्रशासन द्वारा आश्रितों को अब तक कोई मदद नहीं मिल पाई है इस समस्या को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन एटक की महासचिव विभा पांडे संयोजक रानी दुबे दी और अन्य पदाधिकारियों ने जिले के कलेक्टर से मिलकर आश्रितों की इस समस्या से अवगत कराया और उन्हें उक्त मामले का ज्ञापन सौंपकर आश्रितों को तत्काल सहायता दिलाने की मांग की है जिले के कलेक्टर को समस्या का आवेदन देने के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन के पदाधिकारियों ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को मामले की जानकारी दी और कहा कि शासन प्रशासन को आश्रितों को अतिशीघ्र मदद दी जानी चाहिए जिससे उनके जीवन यापन हो सके।
