मंदसौर पुलिस गोली चालन में शहीद किसानों को दी गई श्रद्धांजलि बताया उमेश तिवारी ने

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सीधी धर्मेंद : टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने अपने विज्ञप्ति में बताया है कि संयुक्त किसान मोर्चा मध्यप्रदेश के साथियों ने ऑनलाइन किसान पंचायत करके 6 जून 2017 को मंदसौर पुलिस गोली चालन में मारे गए 6 किसानों की चौथी बरसी पर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में अपनी बात रखते हुए किसान संगठनों के साथियों द्वारा कहा गया कि मंदसौर के पिपलिया किसान मंडी में किसान स्वामीनाथन आयोग के अनुरूप समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग और फलए सब्जियों एवं दूध का भी समर्थन मूल्य घोषित किए जाने की मांग को लेकर 1 जून 2017 से आंदोलन कर रहे थेए किसानों का दमन करने की नियत से 6 जून 2017 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुलिस ने शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों के सिरए पेटए सीने में गोली मारकर 6 किसानों को शहीद कर दिया। पुलिस ने अभिषेक पाटीदार उम्र 17 वर्ष इकलौती संतान इनके सिर में गोली मारीए चेनराम पाटीदार उम्र 18 वर्ष इनके पेट में गोली मारीए पूनम चंद पाटीदार उम्र 27 साल इकलौती संतान इनके सीने में गोली मारीए सत्यनारायण धनगर उम्र 32 साल इनके पेट में गोली मारीए घनश्याम धाकड़ उम्र 35 साल इन्हें थाने ले जाकर पीट.पीटकर पुलिस ने मार डालाए कन्हैयालाल पाटीदार उम्र 40 वर्ष इनके सिर में गोली मारी। उमेश तिवारी ने बताया कि वक्ताओं द्वारा कहा गया कि किसानों की हत्या के नियत से पुलिस ने गोली चलाई ऐसा ना होता तो सिरए सीनेए पेट के बजाय पुलिस पैर में गोली मारती। वक्ताओं द्वारा कहा गया कि मंदसौर के शहीद किसानों की शहादत व्यर्थ नहीं गई है जिस मंदसौर की धरती शहीद किसानों के लहू से लाल हुई थी उसी धरती में 250 किसान संगठनों की किसान संघर्ष समिति बनी जो आज 500 किसान संगठनों के विशाल रूप में संयुक्त किसान मोर्चा के रूप में है। इस संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मोदी सरकार द्वारा बनाए गए 3 किसान विरोधी काले कानूनों को समाप्त करने तथा समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाए जाने हेतु 6 माह से दिल्ली की सीमाओं सहित देशभर में आंदोलन कर रहे हैं आंदोलन के दरमियान लगभग 500 किसान शहीद हो चुके है। बक्ताओं ने कहा कि नही चली जब हिटलर सही तब कैसे चलेगी मोदी शाही ।

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