कोरोना महामारी के संकट में मनरेगा के माध्यम से गांवों में ही मिल रहा है सभी को रोजगार

सीधी धर्मेंद : कोरोना महामारी के संकट में एक ओर जहां बड़े शहरों में रोजगार का संकट है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से लोगों को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण जनों को अपनी आजीविका के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। उन्हें अपने गांव में ही काम के अवसर मिल रहे हैं। गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है, जो भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। सीधी जिले में कलेक्टर रवींद्र कुमार चैधरी के मार्गदर्शन में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा हिमांशु तिवारी की देख रेख में सभी ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक श्रम मूलक कार्यों को प्रारम्भ किया जा रहा है, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। 03 जून की स्थिति में जिले की 392 ग्रामपंचायतों में 3 हजार 818 कार्यों के माध्यम से 43 हजार 472 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जनपद पंचायत कुसमी में 773 कार्यों में 4 हजार 680 श्रमिकों को, मझौली में 506 कार्यों में 6 हजार 761 श्रमिकों को, रामपुर नैकिन में 880 कार्यों में 9 हजार 483 श्रमिकों को, सीधी में 947 कार्यों में 10 हजार 888 श्रमिकों को तथा सिहावल में 712 कार्यों में 11 हजार 660 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
