किसान आंदोलन के 6 माह और मोदी कुशासन के 7 वर्ष पर मनाया गया काला दिवस जलाया गया मोदी का पुतला

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सीधी धर्मेंद : किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 मई को ग्राम हनुमानगढ़ और भूमका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल किसानों ग्रामीणों के समक्ष अपनी बात रखते हुए क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन किसान विरोधी काले कानून बनाये है पहला कानून कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य ;संवर्धन और सरलीकरण अधिनियम 2020 दूसरा कानून आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 तीसरा कानून मूल्य आश्वासन और कृषि उपज ;संरक्षण एवं सशक्तिकरण कानून 2020 इन किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 26 मई को सड़कों पर किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हुए पूरे 6 महीने हो गए है पिछले छः माह से अपनी मांगो को लेकर लाखो किसान दिल्ली की सीमा पर वा देश के विभिन्न अंचलों में धरने पर बैठ कर संघर्षरत है इस आंदोलन मे हमारे चार सौ से अधिक किसान साथि शहीद हो चुके है परंतु केन्द्र की तानाशाही अंहकारी सरकार किसान आंदोलन का दमन करना चाहती है। केन्द्र सरकार पूंजीपतियों की सरकार है यह सरकार किसान विरोधी सरकार है आज 26 मई को मोदी सरकार के कुशासन के भी 7 साल पूरे हुए है सयुंक्त किसान मोर्चा के निर्णय अनुरूप आज 26 मई के दिन पूरे देश के किसान काला दिवस के रूप मे मना रहे है। आज का यह आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में जारी किसान आंदोलन को आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोशिश है। संयुक्त किसान मोर्चा मांग  कि है तीनों किसान विरोधी कानूनों को रद्द किया जाए एमएसपी को कानूनी दर्जा प्रदान किया जाए कॅरोना से लड़ाई हेतु देश की सभी प्राइवेट अस्पतालों का राष्ट्रीयकरण किया जाए।

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