आरोप.प्रत्यारोप के बीच जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए 6 उम्मीदवारों के बीच होगा मुकाबला

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सीधी धर्मेंद : राजनीति में आरोप.प्रत्यारोप लगना और लगाना एक सामान्य सी बात मानी जाती है लेकिन चुनावी समर में अगर अधिवक्ताओं के चुनाव में भी आरोप.प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाए तो यह मान लेना चाहिए कि राजनीति जहां भी जाएगी अपना रंग दिखाएगी ऐसा ही रंग इन दिनों सीधी जिला अधिवक्ता संघ के हो रहे चुनाव में देखने को मिल रहा है यहां पर जैसे.जैसे अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की निर्वाचन की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे.वैसे आरोप.प्रत्यारोप और मतदाताओं को अपनी तरफ करने के लिए उम्मीदवारों ने तरह.तरह के हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में जिला अधिवक्ता संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह के ऊपर अधिवक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं इतना ही नहीं अधिवक्ता मुनींद्र द्विवेदी गिरजा सिंह अंजनी तिवारी ने निवर्तमान अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके नाम अधिवक्ता संघ की मतदाता सूची से शाजीसन हटा देने के आरोप लगाए हैं इसके साथ ही अन्य मुद्दों के साथ एडवोकेट अंजनी तिवारी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं दूसरी तरफ अधिवक्ता संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने 27 मार्च को अपने अधिवक्ता कक्ष में पत्रकार वार्ता बुलाई पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों ने जब उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में जानकारी चाहिए तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सारे आरोपों का मैं खंडन करता हूं इसके साथ ही उन्होंने कई दस्तावेजों को दिखाते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी। आरोप.प्रत्यारोप के बीच 7 अप्रैल को अधिवक्ता संघ के मतदान पदाधिकारियों के की प्रक्रिया पूरी कराई जानी है 27 मार्च को अध्यक्ष सहित अन्य पदों के उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई एन टीवी इंडिया न्यूज़ को एक विशेष मुलाकात के दौरान अधिवक्ता संघ के निर्वाचन अधिकारी ओ पी श्रीवास्तव ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए पर्चे दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के नाम और निर्वाचन प्रक्रिया के कार्यक्रमों की जानकारी दी। जिला अधिवक्ता संघ के निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आरोप.प्रत्यारोप का दौर जारी है लेकिन इसके साथ ही अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरे उम्मीदवारों द्वारा भी तरह.तरह के हथकंडे अपनाकर मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिसके नतीजे 7 अप्रैल के मतदान के बाद सामने आएंगे जिसके बाद आरोप.प्रत्यारोप पर विराम लग जाए। लेकिन तब तक इस चुनाव में अभी कई रंग देखने को मिलेंगे।

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