गांव के सचिव ने 40 वर्षों से शासकीय जमीन में वसे आदिवासी के घर में लगा दी आग

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सीधी धर्मेंद : मध्य प्रदेश की सरकार हरिजन आदिवासियों के हितों के लिए लगातार प्रयास कर रही है और भूमिहीन आदिवासियों को शासकीय जमीन का पट्टा देकर उन्हें स्थापित करने का प्रयास कर रही है लेकिन शासन प्रशासन की मंशा के विपरीत कुछ अराजक तत्व शासन की भूमि में बसे आदिवासियों को अपने छल बल और अत्याचार के बल पर उन्हें शासन की जमीन से जबरिया बेदखल करना चाहते हैं जिसके लिए वह नियम के विपरीत कदम उठाकर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सीधी जिले के बहरी थाना अंतर्गत ग्राम कुसियारी से आया है जहां गांव में विगत 40 वर्षों से निवास कर रहे सुदामा कोल की झोपड़ी को गांव के सचिव ने ही आग लगा दी जिससे सुदामा कोल का आशियाना जलकर खाक हो गया। पीड़ित परिवार ने मामले की सूचना बहरी थाने में दी है लेकिन अब तक बहरी थाने की पुलिस ने भी कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की जिससे मजबूर होकर 25 मार्च को सुदामा कॉल उसकी पत्नी अनीता को अपने दूध में बच्चे और अपने परिजनों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गई इस दौरान उसने अपने साथ हुए अत्याचार को बयान किया एन टीवी इंडिया न्यूज़ को जानकारी देते हुए सुदामा कोल और उसकी पत्नी ने बताया कि गांव के सचिव उसकी जमीन में गौशाला बनाना चाहते हैं जिसकी वजह से उन्होंने उसे बेदखल करना चाहा लेकिन जब वह इसके लिए तैयार नहीं हुए तो उनकी झोपड़ी में आग लगा दी गई किसी तरह उन्होंने अपनी और अपने बच्चे की जान बचाई है पीड़ित के साथ आए उनके रिश्तेदार और परिजनों ने भी एन टीवी इंडिया न्यूज़ को अपनी पीड़ा बताई। एन टीवी इंडिया न्यूज़ को अपनी पीड़ा बताने के बाद फरियादी ने मामले की शिकायत जिले के अपर कलेक्टर हर्षल पंचोली से की और उन्हें अपना आवेदन देकर न्याय की मांग की। पीड़ित पक्ष से सारी जानकारी और आवेदन लेने के बाद अपर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को बताया कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच कराएंगे और पीड़ित परिवार को मदद भी दिलाने की कोशिश करेंगे।

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