महाशिवरात्रि पर जिले भर के मंदिरो में भगवान भोलेनाथ को जल चढाने उमड़ी भीड़ सुख समृद्धि का माँगा वरदान

सीधी धर्मेंद : भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का ही महापर्व है शिवरात्रि जिसे त्रयोदशी तिथि फाल्गुण मास कृष्ण पक्ष की तिथि को प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर्व की विशेषता है कि सनातन धर्म के सभी प्रेमी इस त्योहार को मनाते हैं। महाशिवरात्रि के दिन भक्त जप तप और व्रत रखते हैं और इस दिन भगवान के शिवलिंग रूप के दर्शन करते हैं। इस पवित्र दिन पर देश के हर हिस्सों में शिवालयों में बेलपत्र धतूरा दूध दही शर्करा आदि से शिव जी का अभिषेक किया जाता है। देश भर में महाशिवरात्रि को एक महोत्सव के रुप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन देवों के देव महादेव का विवाह हुआ था। हमारे धर्म शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि महाशिवरात्रि का व्रत करने वाले साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। जगत में रहते हुए मुष्य का कल्याण करने वाला व्रत है महाशिवरात्रि इस व्रत को रखने से साधक के सभी दुखों पीड़ाओं का अंत तो होता ही है साथ ही मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है 11 मार्च को सीधी जिले के सभी शिव मंदिरो में भगवान भोलेनाथ को जल चढाने और उनकी पूजा करने भक्तो की भारी भीड़ जमा हुई सीधी के प्रसिद्ध बड़ौरा मंदिर में कई जिले के भक्तो ने पहुंच कर जल चढ़या और उनकी पूजा करके अपने लिए वरदान माँगा।
