राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला के दूसरे सत्र के समापन में नाटक रानी चेनम्मा का हुआ शानदार मंचन

सीधी धर्मेंद : 51 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रस्तुति परक राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला के 36 वें दिवस कार्यशाला के दूसरे सत्र की समाप्ति में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीधी के वैष्णवी गार्डेन सीधी में बीती शाम इंद्रवती नाट्य समिति के कलाकारों ने नाटक रानी चेनम्मा का अद्भुत मंचन किया रानी चेनम्मा दखिण भारत की पहली महिला क्रांतिकारी थीं जिन्होंने सन 1824 में अंग्रेजों की नीति और कर नीति का विरोध किया और ईस्ट इंडिया कंपनी को धूल चटा दिया और उनके दो लोगों को बंदी भी बना लिया जिसके पश्चात अंग्रेजों ने रानी के साथ समझौता कर लिया पर दुर्भाग्यवश रानी के मंत्री ने राज्य के लालच में अंग्रेजों से जा मिला जो राज्य की नीति के सारे गुप्त रहस्य बता दिए इसी का फायदा उठाते हुए अंग्रेजों ने रानी को परास्त कित्तूर राज्य को हथिया लिया वा रानी चेनम्मा को बंदी बना लिया और वहीं रानी जी की मृत्यु हो गई। नाटक के मंच पर जिन कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया उनमे राजकुमारी चेनम्मा.अनुभूति कुंदेर रानी चेनम्मा.आराधना परस्ते धुलप्पा देसाई.गौरव तिवारी गुरूसिद्दप्पा.अजय चौकसे मल्लासराजा.ईश्वर पाटिल रानी रुद्रम्मा.शालिनी त्रिपाठी मंत्री.सचिन श्रीवास्तव संगोली रायन्ना.पीयूष लोनारे शिवलिंगप्पा.सुयश पाण्डेय चेपलिन कमिश्नर आयुष भाल वॉल्टर.एलियट.विशाल ठाकुर स्टीवेंसन.उत्कर्ष गुप्ता सेनापति मलप्पा.सागर मुरलीधर सहेलियां.सोनिया शिवानी गुड़िया सैनिक.राहुल कपिल आकाश द्वारका योद्धा.योगेश सुयश सागर अमित अनिल पीयूष ने अपने अभिनय से नाटक को जीवंत किया।
