सरकार समाधान नही किसान आंदोलन को विफल करने की साजिश कर रही है कहा उमेश तिवारी ने

सीधी धर्मेंद : संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा ग्राम भुमका में किसान पंचायत का आयोजन किया गया किसान पंचायत को संबोधित करते हुए टोको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने लॉकडाउन में तीन काले कृषि कानून का फैसला उस वक्त लिया जब सरकार लोगों को घरों में रहने को कह रही थी तमाम ऑफिसए संस्थानों पर ताला लग गया था। देश के किसानी में काम करने वाला 14 करोड़ किसान उसमें मजदूरी करने वाले 12 करोड़ मज़दूर यानी 26 करोड़ नागरिक तथा कृषि अर्थब्यवस्था में लगे 70 करोड़ लोग मतलब इतनी बड़ी आबादी से बिना राय किये इन्हें नजर अंदाज करते हुए कृषि कानून बना करके मोदी सरकार ने कृषि प्रधान देश में देश के सबसे बड़े समाज से धोखा किया है।उमेश तिवारी ने कहा कि1947 में इतनी ही जमीन थी 40 करोड़ आबादी थी जिसमें 20 करोड़ लोग भूखे सोते थे पर यही किसान है जो अपनी मेहनत से लोगों को भरपेट भोजन की व्यवस्था बनाया। इतनी फसल पैदा करता है देश का किसान कि पूरी दुनिया का 2 साल तक पेट भर सकता है भारत। किसान देश के 80 करोड़ लोगों को 5 किलो गेहूं 5 किलो चावल नाम मात्र की कीमत पर देकर उनका पेट भरता है। इनाम में किसान को मोदी भक्तों से मिला आंदोलन जीबीए परिजीवी ;नाली के कीड़ेद्धए खालिस्तानीए राष्ट्रद्रोही का तमगा। यह साफ स्पष्ट है कि मोदी सरकार जिन कानूनों को किसान हित में बता रही हैए वह पूर्ण रुप से किसानों के हित के कानून नहीं हैं। अपने भविष्य और आगे की पीढ़ी के लिए किसान सड़क पर है और मोदी सरकार समाधान न करके किसान आंदोलन को विफल करने के साजिस एवं षडयंत्र कर रही है।किसान पंचायत को ददन सिंह विश्राम यादव पंकज द्विवेदी विजय सिंह उमाकांत पांडे भारत सरण बैस लालजी बैस द्वारिका बैस छोटेलाल सिंह शिवकुमार सिंह ने भी संबोधित किया।
