विधायक केदारनाथ का छलका दर्द कहा कांग्रेस में हमेशा सीधी को दी गई तवज्जो पर भाजपा नें की उपेक्षा

सीधी धर्मेंद : मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार और बीजेपी के मुखिया शिवराज सिंह सरकार पर इस बात के आरोप कई वर्षों से लग रहे हैं कि उनके द्वारा सीधी जिले की उपेक्षा की जा रही है और यह बात समय.समय पर उजागर भी हुई है लेकिन इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के चयन को लेकर बीजेपी आलाकमान द्वारा सीधी जिले के साथ की गई उपेक्षा खुलकर सामने आ गई है इस बार विधानसभा अध्यक्ष की दौड़ में 2 लोगों के नाम थे जिनमें प्रमुख रूप से रीवा देवतलाव के विधायक गिरीश गौतम और सीधी के वरिष्ठ बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के नाम शामिल थे लेकिन एक बार फिर से किस्मत के साथ बीजेपी कि आलाकमान के निर्णय ने सीधी की जनता को ठगा सा महसूस करा दिया है और भाजपा नें आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष के लिये देवतलाब विधायक गिरीश गौतम का नाम तय कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष पद की दौड़ में सीधी विधायक एवं वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला का भी नाम था। लेकिन वो फिर विधानसभा अध्यक्ष बनते.बनते रह गए जिसके बाद उनका दर्द बाहर आया है एक निजी चैनल को दिए इंटरवियू में केदार शुक्ला नें कहा की समय बड़ा बलवान होता है। कांग्रेस में हमेशा सीधी को मंत्रिमंडल में तवज्जो दी गई पर भाजपा ने आज तक सीधी से किसी को मंत्री नहीं बनाया। आगे उन्होंने कहा है की मै पहले मंत्री बनने की दौड़ में पिछड़ने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष बनते.बनते रह गए केदारनाथ शुक्ला ने कहा मुझे भी पद से मोह है मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं संन्यासी नहीं। मैं पार्टी का सीनियर विधायक हूं विंध्य को सरकार की कैबिनेट में जगह मिलनी चाहिए। केदारनाथ शुक्ला सीधी से भाजपा के विधायक हैं और उन्होनें लगातार चार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। बावजूद इसके पार्टी द्वारा उनकी कई मौकों पर महत्वपूर्ण पदों के वितरण के दौरान उनके साथ सीधी जिले की भी उपेक्षा की गई है जिसको लेकर जिले की जनता में खासी नाराजगी हो रही है जिसके नतीजे शायद आने वाले नगरपालिका चुनावों में देखने को भी ना मिल जाए क्योंकि बीजेपी आलाकमान का यह फैसला जिले की जनता को कतई रास नहीं आ रहा है यह जिले की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।
