किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोसिस,राष्ट्र किसानों के लिए सर्वोपरि कहा उमेश तिवारी ने

सीधी धर्मेंद : टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने एक विग्यप्ति जारी करके कहा है की संयुक्त किसान मोर्चा तथा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर दिल्ली में ढाई लाख से अधिक ट्रैक्टर और वाहन किसान परेड में शामिल हुए 25 लाख से अधिक किसानों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर हाथ मे तिरंगा झंडा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से 3 किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने तथा सभी कृषि उत्पादों की लागत से डेढ़ गुना दाम पर खरीद की कानूनी गारंटी को लेकर सरकार के सामने प्रभावशाली तरीके से आंदोलन में भागीदारी की किसानों के आंदोलन में युवाओं की भागीदारी सराहनीय रही किसान परेड ने गणतंत्र दिवस को नया स्वरूप प्रदान किया है जिसकी सराहना पूरे देश को करनी चाहिए आगे उन्होंने कहा है की जो किसान दिल्ली की सीमाओं पर 60 दिन से कड़ाके की ठिठुरन में विपरीत परिस्थितियों में शांतिपूर्वक बिना किसी उत्पात या हिंसा के अपनी मांगों को लेकर संबिधान में प्रदत्त शांतिपूर्वक आंदोलन के अधिकार के तहत आंदोलन कर रहा है और अपने 151 किसान साथियो की सहादत दे चुका है 26 जनवरी किसान परेड के दिन वह किसान हिंसक क्यों होगा किसान विषम परिस्थितियों से जूझने का अपार जजबा और हौसला रखता है लाल किला और आईटीओ की घटना से किसानों को जोड़कर किसान आंदोलन को बदनाम करने हेतु भ्रम फैलाया जा रहा है शीशे जैसा साफ है कि लाल किले पर झंडा लगाने वाला दीप सिद्धू पंजाब का रहने वाला है और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंधित है दीप सिद्धू पर कानूनी कार्यवाही की कोताही सरकारी साजिस को साबित करती है। किसान आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और अनुशासित था है और रहेगा
