वरिष्ठ चिकित्सको और जमीनी स्तर के स्वास्थ कर्मियों ने लगवाया कोरोना का टीका

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कृतिका सीधी:

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नागेंद्र बिहारी दुबे ने जानकारी दी कि कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए सर्वप्रथम स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पैरामेडिकल स्टाफ एवं चिकित्सकों को कोविड-19 का टीका लगने का अभियान 16 जनवरी से प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का आज दूसरा दिन 18 जनवरी को संपादित किया गया। अभियान के पहले चरण में विभाग के लोगों ने उत्साह के साथ टीका लगवाया और उससे भी ज्यादा उत्साह आज दूसरे दिन देखने को मिला है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक एवं सिविल सर्जन डॉ. डी.के. द्विवेदी तथा डॉ. एस.बी. खरे के द्वारा सर्वप्रथम अपना टीकाकरण कराया गया। उनके साथ जिला अस्पताल के समस्त चिकित्सक गणों का भी टीकाकरण किया गया। सिविल सर्जन डॉ. डी.के. द्विवेदी एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.बी. खरे ने कहा कि कोविड का टीका पूर्ण तरह से सुरक्षित है और कोरोना से बचने का एकमात्र तरीका है। कोरोना का अभी तक कोई इलाज नहीं बना है। इस टीका का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यदि किसी में थोड़ी बहुत तकलीफ की स्थिति बनती भी है तो उसका प्रबंधन किया जा सकता है। लेकिन कोरोना हो जाने पर तत्काल ठीक करने का कोई भी इलाज अभी तक नहीं है। उनके द्वारा जिले वासियों से अपने स्वास्थ्य कर्मियों से तथा स्वास्थ्य प्रदाताओं से अपील की गई है कि जब उन्हें टीकाकरण के लिए आमंत्रित किया जाए तो जरूर टीकाकरण केंद्र पर पहुंचकर हर्षोल्लास के साथ खुशी-खुशी टीका लगवाए और लोगों को भी यह जानकारी दें कि यह टीका दर्द रहित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दुबे ने यह भी जानकारी दी कि यह टीका गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं को, ऐसी मां जो बच्चों को दुग्धपान कराती हैं और जो कोविड-19 से संक्रमित हैं, साथ ही 18 वर्ष से नीचे के बच्चे जिन्हें वैक्सीन से एलर्जी हो जो बीमार हो ऐसे लोगों को टीकाकृत नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के लिए लोगों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी टीका लगवाने वाले कर्मचारियों को अपने पहचान के लिए परिचय पत्र भी लाना होगा जो पहले दिन किन्ही कारणों से टीका नहीं लगवा पाए हैं उन्हें अलग से टीकाकरण कराने की सूचना दी जाएगी।

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