सीधी के भरुही ग्रामपंचायत के लोग खदान में मशीनों द्वारा कार्य कराए जाने के विरोध में दिया ज्ञापन

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कृतिका सीधी :

सीधी जिले के ग्राम पंचायत भरुहि में शासकीय तौर पर रेत खदान स्वीकृत है जिसका संचालन सैनिक फूड्स लिमिटेड कंपनी को मिला हुआ है रेत खदान का स्वीकृत रकबा 4.8 हेक्टेयर बताया जा रहा है जिसमें कंपनी शासकीय अनुमति के तहत काम कर रही है 8 अक्टूबर को ग्राम पंचायत भरुहि के लगभग आधा सैकड़ा लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने जिले के कलेक्टर के नाम का ज्ञापन तहसीलदार गोपद बनास को सौंपकर बताया कि भरुहि में संचालित उक्त खदान में रेत उत्खनन करने वाली कंपनी द्वारा 4.8 हेक्टेयर कार्यक्षेत्र का किसी भी प्रकार से सीमांकन नहीं कराया गया है और उनके द्वारा करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध रूप से बड़ी.बड़ी मशीनें लगाकर बालू का उत्खनन किया जा रहा है जिसकी वजह से शासन को राजस्व की हानि हो रही है और ग्रामीण जनता को रोजगार से भी वंचित किया जा रहा है इसके साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि इस कोरोना काल में भरुहि पंचायत में 2 ग्राम है जिनमें अधिकतर आदिवासी हरिजन परिवार के लोग रहते हैं जो इस समय वर्तमान में रोजगार से वंचित है शासन के नियमानुसार उन्हें रेत की खदान में रोजगार मिलना चाहिए जिससे वह लोडिंग का काम कर सके लेकिन कंपनी की हठधर्मिता और दादागिरी के चलते उन्हें रोजगार नहीं दिया जा रहा है और रोजगार मांगने पर उन्हें वहां से भगा दिया जाता है जिसकी वजह से गांव के मजदूर और काम करने वाले नौजवान गरीब दर.दर भटक रहे हैं ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर मांग की है कि उक्त खदान में मशीनों के द्वारा किए जा रहे उत्खनन पर रोक लगाकर जरूरतमंद गांव के लोगों को खदान में रोजगार उपलब्ध कराया जाए जिससे उनका जीवन यापन हो सके जिला कलेक्ट्रेट में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद भरुहि पंचायत के 2 गांव से आए आधा सैकड़ा के लोगों ने मीडिया को अपनी समस्या से अवगत कराया और शासन प्रशासन से उन्हें न्याय दिलाए जाने की मांग की है जिला कलेक्ट्रेट में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को अपना ज्ञापन देने के बाद भी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कंपनी द्वारा की जा रही दादागिरी के विरोध में डीएसपी श्री नामदेव को ज्ञापन सौंपकर उनसे कार्यवाही की मांग की गई जिस पर मौके पर मौजूद डीएसपी ने ग्रामीणों को जांच करा कर उक्त मामले में कार्यवाही करने की बात कही है। इस कोरोना काल में गांव में लोगों को रोजगार के लाले पड़े हैं वहीं शासन की मंशा है कि गांव में बैठे बेरोजगारों को घर बैठे उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन भरुहि ग्राम पंचायत में रेत उत्खनन के कार्य में लगी कंपनी द्वारा मशीनों से काम करा कर ग्रामीणों को रोजगार न देने की वजह से ग्रामीणों की मुश्किलें और समस्याएं बढ़ गई है और वह रोजगार ना होने की वजह से भूखों मरने की कगार पर पहुंच रहे हैं जिसकी वजह से लाचार और मजबूर होकर उन्हें आज जिला मुख्यालय आकर जिले के अधिकारियों से फरियाद करनी पड़ी अब देखना यह है कि जिले का प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखकर क्या कार्यवाही की जाती है क्या गरीबों को खदान में रोजगार मिल पाएगा या की गरीबों के हित में शासन प्रशासन द्वारा कही जाने बातें सिर्फ हवा हवाई है।

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