कोरोना पेशेंट के संपर्क वालों को नहीं किया गया क्वॉरेंटाइन
सीधी:धर्मेंन्द्र
कोरोना संक्रमण रोकथाम को लेकर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान नई-नई गाइडलाइन बनाते हैं लेकिन उस गाइड लाइन को सीधी जिला चिकित्सालय नहीं मानता है जिसके कारण संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
पिछले 3 अगस्त को 50 वर्षीय वार्ड बाय कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया था लेकिन संपर्क में आने वाले कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन नहीं किया गया था। नतीजा यह रहा कि बीते 4 दिन बाद फार्मासिस्ट कोरोना पाजीटिव निकला है। फार्मासिस्ट के संपर्क में 5 डॉक्टर समेत एक दर्जन कर्मचारी संपर्क में आए थे। जहां सिविल सर्जन की लापरवाही यहां भी उजागर हुई क्योंकि संपर्क में आने वाले सभी कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन की जगह जिला चिकित्सालय में ड्यूटी दे रहे हैं।
सिविल सर्जन की लापरवाही का नतीजा जिला चिकित्सालय के कर्मचारी तथा आने वाले मरीज समेत ग्रामीण अंचलों से आने वाले मरीजों को भी भुगतना पड़ सकता है क्योंकि जो कर्मचारी कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए हैं उनको कोरेंटिन करने के वजाए उनसे सेवाएं ली जा रही है जहां जिले भर के ग्रामीण अंचलों के मरीज उपचार हेतु जिला चिकित्सालय आते हैं। तथा उपचार के बाद अपने घरों की ओर रवाना होते हैं जिससे कोरोना का संक्रमण कई गुना बढ़ सकता है।
लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डा. बी.एल. मिश्रा ने स्टार समाचार से बातचीत में कहा कि मैंने एक पत्र जारी किया है, जहां जिले भर के स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मुख्य रूप से पालन करेंगे तथा मास्क सैनिटाइजर का भरपूर उपयोग करें अगर किसी भी कर्मचारी की लापरवाही की शिकायत आती है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिले भर के स्वास्थ्य अधिकारी ड्यूटी के दौरान 1 मीटर का गैप अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय को भरपूर सैनिटाइजर मास्क तथा क्लास उपलब्ध कराया गया है। वहीं कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि इस बारे में मुझे जानकारी आपके द्वारा प्राप्त हुई है मेरे द्वारा सिविल सर्जन से जानकारी मांगी जा रही है। जैसे ही जानकारी उपलब्ध होगी लापरवाही पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।