भाईयों के मांथे पर टीका लगाकर बहनों ने बांधी कलाई में राखी
सीधी:धर्मेंन्द्र
रक्षाबंधन का त्यौहार जिले भर में कल धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के मांथे पर टीका लगाकर कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और भाइयों ने रक्षा का संकल्प दोहराया। कोरोना का असर रक्षाबंधन त्यौहार पर स्पष्ट नजर आया। काफी संख्या में भाई-बहन त्यौहार पर एक-दूसरे तक इस वर्ष नहीं पहुंच पाये। जिसके चलते इनमें मायूसी रही।
इस बार रक्षाबंधन त्यौहार का शुभ मुहूर्त सोमवार की सुबह 8.35 बजे से रात 8.27 बजे तक होने से रक्षा सूत्र सुविधा अनुसार बंधवाने का सिलसिला चलता रहा। सुबह ही ज्यादातर भाईयों ने तैयार होकर बहनों से कलाई पर राखी बंधवाई।
दो दिवसीय टोटल लाॅकडाउन कल सुबह खत्म होने के बाद शहर से लेकर देहात तक मिठाई की दुकानें सुबह से सज गईं थीं। बहनों ने मिठाई और राखी की दुकान पर खरीदारी जमकर की। सुबह बाइक से बहनें भाई के घर गईं। कहीं-कहीं भाइयों ने बहनों के घर जाकर राखी बंधवाया। पूरे दिन रक्षा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बच्चाें में भी रक्षाबंधन का उल्लास देखने को मिला। भाइयों ने बहनों की लंबी उम्र के लिए दुआ मांगी। रक्षाबंधन का त्यौहार रामपुर नैकिन, बघवार, चुरहट, सेमरिया,कमर्जी, अमिलिया, सिहावल, बहरी,कुचवाही, टिकरी,टंसार, मड़वास, मझौली,कुशमी,भुईमाड़ और गिजवार में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हर जगह चहलपहल रही। रक्षाबंधन त्यौहार पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में सुबह से ही चल रही थी।
भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्यौहार रक्षाबंधन पर इस वर्ष कोरोना का कहर बरपाने से यात्री बसों का संचालन 4 महीने के ज्यादा समय से बंद हैं। इस वजह से दूर रहने वाले भाई- बहन बाइक के माध्यम से सफर कर एक-दूसरे के पास पहुंचे। सोमवार को काफी संख्या में भाई शुभ मुहूर्त में राखी बंधवाने अपनी बहनों के घर पहुंचे। जिन भाइयों की बहनों का घर दूर था, वे शुभ मुहूर्त में राखी बंधवाने को एक दिन पहले ही बहन के घर पहुंच गए।
शिव मंदिरों में हुई पूजा अर्चना
श्रावण मास का अंतिम सोमवार आज होने से रक्षाबंधन के खास मौके पर शिव मंदिरों में भी श्रद्वालुओं ने पहुंच कर पूजा अर्चना की। कई भाई बहन भी शिव मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे। कुछ शिव मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर भी चलता रहा। श्रद्वालुओं ने अपने घर में भी आज भजन-कीर्तन का आयोजन किया। जिले के प्रसिद्ध शिव मंदिर बढ़ौरा एवं मौहार नीलकंठ मंदिर में दूर से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। यदि कोरोना की पावंदी न होती तो इन मंदिरों में आज भारी भीड़ उमड़ती।