कोरोना बेलगाम: पब्लिक झेल रही धूल और जाम

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चुरहट की सड़क कई पंचवर्षीय के बाद आज भी है मुद्दा

सीधी:धर्मेंन्द्र 

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सीधी जिले में कोरोना वायरस की चेन टूटने का नाम नहीं ले रही। संक्रमितों की संख्या 60 के करीब पहुंचने को है। वहीं चुरहट नगर परिषद में  सड़को का हाल ऐसा है कि चुरहट बाजार के नागरिक और दुकानदार खस्ता हाल सड़क के कारण बेहाल हैं। स्थिति ऐसी है कि चुरहट बाजार हो चाहे तहसील परिसर या फिर गुढ रोड सभी स्थानों की रोड गड्ढो से भरी पड़ी है और जहाँ गड्ढे भर दिए हैं वहां की सड़क धूल के गुब्बार ऐसे में दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं तथा लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
चुरहट के बीछी रोड, गुढ़ रोड एवं चुरहट बाजार की रोड का बुरा हाल है। दिनभर वाहन हिचकोले खाते हुए रेंगते हैं। अधिकांश लोग न तो मास्क लगाते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं ऐसे में महामारी को फैलने से रोकना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
धूल ने कर रखा है जीना हराम
चुरहट के पुराना बस स्टैंड से चुरहट पुलिस थाना तक की रोड में बने गड्ढे और सड़क में उड़ने वाली धूल कई दुर्घटनाओं को बुलावा देती रहती हैं और इन गड्ढों के कारण इस नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है। जिसके कारण यहां लोग धूल और जाम से बेहाल हो गए हैं। बरसात के दिनों में तो गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़कें पानी से सराबोर हो जाती हैं। सड़कों के किनारे बनी दुकान काफी प्रभावित तो होती ही है साथ ही कोविड-19 के दस्तक देने खतरा अलग बना रहता है।
कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौर में जहां केंद्र व राज्य सरकार इस बीमारी की रोकथाम के लिये प्रयास कर रही हैं वही चुरहट नगर परिषद में सड़कों की हालत खस्ता हाल होने के कारण उड़ने वाली धूल आसपास की दुकानों में बिक्री किये जाने वाले सामानों मे जमने के कारण कॅरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
रोज का जाम दे रहा दुर्घटनाओं को न्योता
चुरहट नगर परिषद में खराब सड़क एवं धूल उड़ने के कारण आये दिन दुर्घटनाओं की संभावनाएं बनी रहती हैं, नगर परिषद की क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोग परेशान होकर रह गए हैं। हाईवे से लेकर अंदरूनी सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं।
विधानसभा चुनावों में भी चुरहट सड़क रही है प्रमुख मुद्दा
विगत हुए विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में चुरहट नगर परिषद की सड़क प्रमुख मुद्दा रही कई बार इसको लेकर आंदोलन भी किए गए लेकिन आज भी इस सड़क की हालत जस की तस है। ज्यादातर ऐसा होता है की समस्याएं बढ़ने पर गड्ढों को भर दिया जाता है लेकिन कुछ दिनों बाद सड़क इस जस की तस हो जाती है और जब सड़कें बनाई जाती हैं तो उनकी गुणवत्ता शून्य के बराबर होती है जिसके कारण ज्यादा दिन नहीं टिकती है।

 

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