उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर में भारी भीड़ की संभावनाओं के बीच यहां श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया था, परंतु कल सोमवार को स्टारसमाचार ने जब इस खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया तो उसके उपरांत जिला कलेक्टर रवींद्र चौधरी ने श्रद्धालुओं की भावनाओं का ख्याल करते हुए मंदिर के गेट तक निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं के जाकर दर्शन करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
जिला प्रशासन की अनुमति मिलते ही कल सुबह से ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए श्रद्धालुओं द्वारा लाइन में खड़े होकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की गई। बीते रविवार तक जहां श्रद्धालुओं को कथा एवं मुंडन संस्कार कराने के लिए प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी। जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को जंगल एवं रोड में ही कथा एवं मुंडन संस्कार करा कर निराश होकर लौटना पड़ रहा था एवं सड़क में ही श्रद्धालुओं को रोक देने के कारण दुकानदार को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा था वहीं यहां की समस्याओं को लेकर जब स्टार समाचार ने आवाज उठाई दो जिला कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन के द्वारा दूर-दूर से आए हुए श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दर्शन एवं जल चढ़ाने की अनुमति मंदिर के अंदर तो नही लेकिन गेट तक दे दी है।
जहां कल सोमवार को पुलिस प्रशासन द्वारा सक्रिय होकर सुबह 4 बजे से देर शाम तक लाइन में खड़े होकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाया गया एवं बिना मास्क के घूमने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही भी की गई।
कल सोमवार होने के कारण भगवान भोलेनाथ के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन करने एवं जल चढ़ाने के लिए सुबह 4 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक शोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए लाइन लगी रही। जहां मंदिर तक पहुंच पाने के कारण श्रद्धालुओं में काफी ज्यादा खुशी दिखी।