अधिवक्ता सुनील खरे के छोटे पुत्र रितेश खरे अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली को 22 जून को झारखण्ड सरकार विधि विभाग के आरगुईग काउसेंल नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि रितेश खरे के पिता सीधी जिले के वरिष्ट अधिवक्ता के साथ साथ समाज सेवी हैं, वहीं रितेश की धर्मपत्नी निकिता आनंद विगत कई वर्षो से सुप्रीम कोर्ट में सेवायें दे रही हैं। सीधी जिले का नाम रोशन करने वाले रितेश खरे वर्ष 2008 में लॉ ग्रेजुएट होने के बाद 2 वर्ष तक भोपाल न्यायालय में प्रैक्टिस किये व उसके बाद 10 वर्षो तक लगातार सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में सिविल प्रकरण एवं क्रिमिनल प्रकरण में महारथ हॉसिल करते हुए श्री खरे ने राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में कार्य करते हुए हजारों पीडितों को न्याय दिलाने में अहम योगदान दिया है। श्री खरे ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में झारखंड सरकार से संबधित वादों के संचालनार्थ एवं कर्तव्यों के निर्वहन हेतु मुख्यमंत्री द्वारा विद्वान अधिवक्ताओं को विधि पदाधिकारी के रूप में उन्हें आरगुईग काउसेंल के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है।