अवैध कारोबार में पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर सवाल ?

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वायरल आडियो कोतवाली पुलिस की कारगुजारी की खोल रहा पोल

सीधी:धर्मेंन्द्र  जिले में दो ही कारोबार अवैध रूप से सबसे ज्यादा फल-फूल रहे हैं, रेत की चोरी या फिर मादक वस्तुओं की बिक्री। मादक वस्तुओं में अवैध शराब का कारोबार गांव-गांव फैला हुआ है। समय-समय पर वायरल हो रही आडियो पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

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यहां तक कि कोतवाली नगर निरीक्षक खुद स्वीकार रहे हैं कि जिले के सत्ताधारी एक जनप्रतिनिधि का फोन आया तो कोतवाली लाया गया अवैध रेत से लोड़ हाइवा को छोड़ दिया गया।
10 हजार के बदले शराब की मात्रा कम करने का आडियो
सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा कल एक निजी वाहन पर मुखबिर की सूचना पर देवघटा गांव में दबिश दी गई, जहां पुलिस स्थानीय निवासी उपेंद्र सिंह पिता जयनंदन सिंह 50 वर्ष के कब्जे से अवैध शराब की खेप पकडऩे में सफल रही। वायरल हो रहे आडियो में आरोपी के पुत्र के द्वारा बताया जा रहा है कि पांच पेटी प्लेन मदिरा शराब पुलिस के द्वारा पकड़ी गई है, जिसे कम दर्शाने के लिए दस हजार रुपए दे चुका है। यही कारण है कि पुलिस के द्वारा पांच की जगह सिर्फ चार पेटी शराब की जप्ती दर्शाई गई है। यह कार्रवाई गुरूवार की रात्रि करीब 10.30 बजे की गई है। आरोपी के विरूद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34 (ए) के तहत मामला पंजीवद्ध किया गया है।
शराब कम दर्शाने के लिए क्यों आरोपी देता है रिश्वत
शराब की खेप कम दर्शाने के लिए आरोपियों के द्वारा रिश्वत देने की मजबूरी ये है कि पांच पेटी से कम शराब पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34 (ए) के तहत कायमी की जाती है, वहीं आरोपी को धारा 41 की नोटिस जारी कर मुचलके पर जमानत दे दी जाती है किंतु पांच पेटी से ज्यादा दर्शाने पर पुलिस आरोपी के विरूद्ध आकबारी एक्ट की धारा 34 (2) तहत मामला पंजीवद्ध करती है, जिसमें दो माह तक सामान्यत: जमानत नहीं होती है, यही कारण है लोग जेल जाने से बचने के लिए शराब की खेप कम कराने का प्रयास करते हैं।
भाजपा नेता की सिफारिस पर छोड़ दिया गया ट्रक
सिटी कोतवाली नगर निरीक्षक का एक और आडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि मैं रात्रि गश्त में था, इस दौरान राजेश पाठक का रेत से लदा हाइवा रुकवाया गया, जिस पर वो मुझसे बद्तमीजी करने लगा, जिसे लाकर कोतवाली में खड़ा कराया गया। भाजपा के एक जनप्रतिनिधि का फोन आने पर उसे छोड़ दिया गया।
इतना ही नहीं अभी हाल ही में एक हाइवा चालक को छोडऩे के लिए तीस हजार रुपए मांगने का भी आडियो वायरल हो चुका है। इस तरह पुलिस की हरकतों से जिले में अवैध कारोबार पर अंकुश लग पाना असंभव है।
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