6 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य उद्योग पूरी तरह से रहेगा प्रतिबंधित; कलेक्टर ने दिए निर्देश –


कृतिका:सीधी
कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चैधरी ने अधिसूचना जारी कर बताया है कि वर्षा ऋतु में मत्स्य के बंश वृद्धि (प्रजनन) के दृष्टिकोण से उन्हें संरक्षण देने हेतु जिले के सभी प्रकार के जल संसाधनो में म.प्र. नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 के धारा 3 (2) के अन्तर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अवधि मे सभी प्रकार मत्स्याखेट पूर्णतः निषिद्ध रहता है। साथ ही मत्स्य विक्रय, मत्स्य विनियम एंव परिवहन करना भी प्रतिबंधित है एवं संज्ञेय दण्डनीय अपराध है। इन नियमों के उलंघन पर म.प्र. राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम 1984 की धारा 5 के तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या 5 हजार रूपये या दोनो से दंडित किए जाने का प्रावधान है। इय अधिसूचना के माध्यम से जनसाधारण को सूचित किया गया है कि इस अवधि मे किसी प्रकार का मत्स्याखेट, मत्स्य क्रय एवं विक्रय अथवा मत्स्य परिवहन न तो स्वयं करें और न ही इस कार्य मे किसी अन्य को सहयोग दें। मध्यप्रदेश शासन मछली पालन विभाग के ज्ञापन दिनांक 23.07.1987 के अनुसार छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें विनिर्दिष्ट जल की परिभाषा के अन्तर्गत नहीं लिया गया है, को छोड़कर समस्त नदियों व जलाशयों मे मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

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