मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश में कोविड-19 के प्रकरणों को दृष्टिगत रखते हुए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जिले के समस्त शासकीय चिकित्सालय जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक के बाह्य रोगी विभागों में सर्दी, खांसी, गले में दर्द, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों के लिए पृथक रूप से फीवर क्लीनिक का संचालन किया जाएगा –


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश में कोविड-19 के प्रकरणों को दृष्टिगत रखते हुए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जिले के समस्त शासकीय चिकित्सालय जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक के बाह्य रोगी विभागों में सर्दी, खांसी, गले में दर्द, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों के लिए पृथक रूप से फीवर क्लीनिक का संचालन किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला चिकित्सालय के ओपीडी में पृथक से उक्त मरीजों के लिए फीवर क्लीनिक का संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में पृथक से सर्दी, खांसी, गले में दर्द, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों के लिए एक कमरा चिन्हित कर उक्त की जानकारी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर प्रदर्शित की जावेगी। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व संजीवनी क्लीनिक में मानव संसाधन व अधोसंरचना की कमी होने के कारण पृथक रूप से बाह्य रोगी विभाग कमरा चिन्हित किया जाना संभव नहीं है ऐसी स्थिति में बाह्य रोगी विभाग में इस तरह व्यवस्था की जावेगी की संक्रमण की संभावना न्यूनतम हो, इस तरह की परिस्थिति में एक ही प्रवेश व निकास द्वार होने के कारण भीतर आगमन व निर्गमन को बेरिकेटिंग कर अलग-अलग किया जाएगा। प्रत्येक फीवर क्लीनिक खेत अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर की स्थापना की जाएगी जहां पृथक से एक वार्ड ब्वाय की पदस्थापना की रहेगी। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानव संसाधन की कमी होने के कारण पृथक से वार्ड ब्वाय पदस्थापना किया जाना संभव नहीं है वहां पर फीवर क्लीनिक में आने वाले रोगियों को दवाई की खाली पर्ची चिकित्सक द्वारा ही प्रदाय की जावेगी तथा निर्धारित प्रपत्र में जानकारी तैयार कर प्रतिदिन रिपोर्ट भेजी जावेगी। चिकित्सालय में पदस्थ समस्त स्टाफ से रोगियों की दूरी कम से कम 1 मीटर के दायरे में बेरिकेट किया जावेगा और संवाद के लिए माइक का उपयोग किया जावेगा वेटिंग एरिया में रोगियों के बीच डिस्टेंसिंग के लिए चाक या चूने से मीटर मार्किंग बना रहेगा जिसका उपयोग रोगियों को बैठते समय उनसे पालन कराना है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वेटिंग एरिया की आवश्यकता होने पर पंडाल की व्यवस्था द्वारा धूप से बचाव किया जावेगा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पदस्थ स्टाफ की जिम्मेदारी होगी कि सर्दी, खांसी, गले में दर्द, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों व कोविड पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए रोगियों या भ्रमण इतिहास वाले रोगियों को फीवर क्लीनिक की ओ.पी.डी. में भेजा जाएगा-
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