मनरेगा में 75 हजार मजदूरों को काम देना हमारा लक्ष्य : कलेक्टर सीधी –


जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा महात्मा गांधी नरेगा योजना की विस्तृत समीक्षा की गयी। जिले में श्रमिकों का नियोजन कम होने पर कलेक्टर श्री चौधरी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि आगामी एक सप्ताह में अधिक से अधिक कार्यों को प्रारंभ कर नियोजित श्रमिकों की संख्या 75 हजार किया जाना सुनिश्चित करें। एक सप्ताह में वांछित प्रगति नहीं होने पर लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। नरेगा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री चैधरी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के कारण आज की सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है। बड़ी संख्या में श्रमिक जिले में वापस आ रहे हैं और आने वाले समय में उन्हें आजीविका की समस्या का सामना करना पड़ेगा। कलेक्टर श्री चैधरी ने इसे एक अवसर के रूप में लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को ऐसे रोजगार में संलग्न करें, जो उन्हें न केवल तत्कालिक राहत प्रदान करे, बल्कि भविष्य में भी उनके लिए लाभदायी साबित हो। बैठक में कलेक्टर श्री चैधरी ने महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत निजी खेत में फलोद्यान परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री चैधरी ने कहा कि निजी खेत में फलोद्यान परियोजना हमें उद्यानिकी को लोगों के लिए लाभ का धंधा बनाने का अवसर प्रदान करता है। इस परियोजना में कृषकों को तीन वर्ष तक महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से मजदूरी एवं सामग्री का भुगतान किया जाएगा, जो उनकी आजीविका का साधन बनेगा। तीन वर्ष उपरांत कृषकों को फलों के उत्पादन से लाभ प्राप्त होने लगेगा और वह उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनायेगा। कलेक्टर श्री चैधरी ने निर्देशित किया है कि कृषकों को इससे होने वाले लाभ से अवगत करायें तथा अधिक से अधिक कृषकों को इसमें सम्मिलित करें। उन्होंने राज्य शासन द्वारा जिले के लिए निर्धारित 20 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निर्देशित किया है। कलेक्टर श्री चैधरी ने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह उक्त योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। बैठक मंत कलेक्टर श्री चैधरी ने निर्देशित किया है कि श्रम आधारित कार्यों को मनरेगा में प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जो भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर प्रदान करने में सहयोगी हो जैसे मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दे सकें।कलेक्टर श्री चैधरी ने मनरेगा कार्यो में जेसीबी मशीनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि ऐसे कार्यो में मशीनों के संलग्न होने पर उन्हे जब्त करने की कार्यवाही की जायेगी तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री चैधरी ने खुदाई के कार्यों में जेसीबी मशीनों के संलग्न होने की सूचना तत्काल संबंधित नायब तहसीलदारध् तहसीलदार एवं एसडीएम को देने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर श्री चैधरी ने निर्देशित किया है कि श्रम आधारित कार्यों को मनरेगा में प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जो भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर प्रदान करने में सहयोगी हो जैसे मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दे सकें।कलेक्टर श्री चैधरी ने मनरेगा कार्यो में जेसीबी मशीनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि ऐसे कार्यो में मशीनों के संलग्न होने पर उन्हे जब्त करने की कार्यवाही की जायेगी तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ए. बी. सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए कार्य स्थल पर विशेष सावधानी एवं सतर्कता रखी जाए। कोरोना से बचाव हेतु सभी श्रमिकों को 2-2 मास्क उपलब्ध कराएं, हांथ धोने के लिए साबुन एवं पानी की व्यवस्था करें तथा सोशल डिस्टैंसिंग का भी ध्यान रखें। उन्होंने निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति रोजगार के लिए नहीं भटके तथा उनका समय से मजदूरी का भुगतान किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि विगत कुछ समय में बड़ी संख्या में श्रमिक जिले के बाहर से वापस आए हैं। जिन श्रमिकों ने क्वारेंटाईन में आवश्यक 14 दिवस व्यतीत कर लिए हैं तथा पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं, उनके भी जाब कार्ड बनाए जाकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायें। उन्होंने कहा कि यह हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है कि इस आपदा की घड़ी में कोई भी भूखा न रहे एवं सभी मजदूरों को काम मिले और समय से उनका भुगतान किया जाय
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