संक्रमण के साए में जिला चिकित्सालय जिम्मेदारों की अनदेखी पड़ सकती है भारी



सीधी
एक तरफ कोरोना वायरस जैसी महामारी ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है एवं शासन प्रशासन द्वारा इस महामारी से बचाव के लिए उपाय किए जा रहे हैं तो वह़ीं दूसरी तरफ सीधी में जिम्मेदारों की लगातार लापरवाही आमजनों पर भारी पड़ सकती है।
जिला कलेक्टर रवींद्र चौधरी इस महामारी को रोकने के लिए 16 घंटे काम कर रहे हैं तो उन्हीं के कर्मचारी पूरे मेहनत पर पानी फेरने में तुले हैं। इसकी वानगी बीते सोमवार को भी लगभग 10 बजे जिला चिकित्सालय में देखने को मिली जब बाहरी राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र के सूरत, मुंबई, नागपुर से आने वाले श्रमिकों को सीधे जिला चिकित्सालय छोड़ा गया। जबकि जिला चिकित्सालय में बाहरी राज्यों से आने वाले सैकड़ों की संख्या में एक साथ पहुंचने पर श्रमिकों की जांच हेतु अभी तक इसकी संपूर्ण व्यवस्था नहीं हो पाई है।
क्या हैं कलेक्टर के आदेश

कलेक्टर रवींद्र चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देशित किया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को बॉर्डर स्थित नजदीकी थानों के पास बैरियर लगाकर आने वाली बसों को रोककर वहां उपस्थित चिकित्सकीय टीम द्वारा बाकायदा चेक किया जाएगा तथा वहां से ही क्वॉरेंटाइन सेंटर एवं होम क्वॉरेंटाइन भेजने की व्यवस्था बनाई जाएगी।
भारी संख्या में श्रमिकों के पहुंचने से अस्पताल प्रशासन का बढ़ा सिरदर्द
पिछले कई दिनों से देखा जा रहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों को बसों के ड्राइवर सीधे जिला चिकित्सालय में उतारकर वापस हो जाते हैं जिसमें भारी संख्या में श्रमिक जिला चिकित्सालय के अंदर तथा आसपास घूमते नजर आते हैं। जिनको रोकने के लिए अस्पताल प्रबंधन के पास संपूर्ण व्यवस्था ना होने के कारण उनके हाथ पांव फूल जाते हैं हालांकि सिविल सर्जन समेत पूरे जिला चिकित्सालय ने मोर्चे को संभाल रखा है परंतु जिस सिस्टम को जिला कलेक्टर ने बना रखा है उसके लिए विधिवत आदेश जारी किए गए हैं उस सिस्टम को नीचे के अधिकारियों का अमला पूरी तरह फालो करने को लेकर संजीदा नजर नहीं आ रहा है। इस गैर जिम्मेदारी के लिए पुलिस प्रशासन भी कटघरे में है जिसके द्वारा ऐसे सभी चेकपोस्ट पर स्वयं वाहनों को रोका तो जाता है परंतु फिर उन्हें आगे जाने के लिए छोड़ दिया जाता है।
दिखा लापरवाही का आलम
जिला चिकित्सालय में कल सोमवार को उस समय लापरवाही का आलम दिखा जब बाहरी राज्य से आने वाले श्रमिक तथा जिले से आने वाले मरीजों के परिजन बिना सोशल डिस्टेंसिंग के एक ही लाइन पर खड़े होकर जांच के लिए पर्ची कटा रहे थे।
इनका कहना है

मैंने पुलिस विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को जिले के बॉर्डर पर ही कोरोना टेस्ट कर क्वॉरेंटाइन सेंटर भेजा जाए। फिर भी यदि कहीं लापरवाही हो रही है तो मैं उसकी निगरानी करते हुए संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को पुनः निर्देशित करूंगा।
रवींद्र चौधरी
कलेक्टर, सीधी

बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियां अस्पताल परिसर में ही सभी श्रमिकों को उतार कर चली जाती हैं। अचानक आई भीड़ को अस्पताल प्रबंधन द्वारा संभालना मुश्किल हो जाता है अचानक इतनी भीड़ आने से उन्हें एहतियात बरतते हुए एक साथ संभालना अस्पताल प्रबंधक के बस में नहीं है। मैं इस बारे में जिला प्रशासन को लिखित सूचना दे रहा हूं।
डॉ. एस.बी. खरे
सिविल सर्जन
जिला चिकित्सालय, सीधी
