प्रशासनिक लापरवाही आई सामने, हैदराबाद से 10 तो भोपाल से 2 श्रमिक पहुंचे सीधी

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सीधी
लाक डाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों का आना लगातार जारी है। जहां कल गुरुवार को भी 10 श्रमिक हैदराबाद से तो 2 श्रमिक भोपाल से सीधी पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मजदूरी कार्य के लिए गए हैदराबाद में लॉक डाउन के कारण सीधी जिले के भी श्रमिक फंस गए थे। जहां कुछ प्रशासन की मदद से तो कुछ अपने से अपने गृह ग्राम पहुंच रहे हैं। कल गुरुवार को हैदराबाद तथा भोपाल से पहुंचे श्रमिकों का जिला चिकित्सालय में कोरोना टेस्ट किया गया है। बताया गया कि ये सभी श्रमिक मड़वास के रहने वाले हैं जिनको जिला कलेक्टर रवींद्र चौधरी की मदद से भोजन की व्यवस्था कर क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेजा गया है।

प्रशासनिक लापरवाही आई सामने

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कलेक्टर रवींद्र चौधरी की मेहनत का नतीजा रहा है कि जिले में अभी तक एक भी कोरोना पाजटिव मरीज नहीं पाया गया है लेकिन कलेक्टर की मेहनत पर उनके ही कर्मचारी पानी फेरने पर तुले हैं जिसकी वानगी कल शाम 7 बजे देखने को मिली। बताया गया कि ये सभी सीधी जिले के निवासी व बाहर से आने वाले श्रमिक मध्यप्रदेश शासन की सहायता से एक बार हैदराबाद से बीते दिवस रवाना हुए थे। जहां सीधी जिले के बॉर्डर बघवार में सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की गई थी। जहां से यह सभी एक बस से रवाना हुए थे परंतु बस के ड्राइवर द्वारा सीधी शहर पहुंचने पर लापरवाही पूर्वक उक्त सभी श्रमिकों को अपने घर चले जाने के लिए बोला गया। श्रमिकों के अनुसार कलेक्ट्रेट के पास बस कार ड्राइवर इन सभी श्रमिकों को उतार कर चला गया जिसके उपरांत कुछ श्रमिक मड़वास जाने के लिए लालता चौराहा से गुजरने लगे। जहां स्टार समाचार की नजर उक्त मजदूरों पर पड़ी जब उनसे पूछताछ की गई तो मजदूरों द्वारा बताया गया कि बस ड्राइवर ने उन्हें कलेक्ट्रेट के पास उतार दिया और अपने से घर जाने के लिए बोला।

कलेक्टर ने लिया एक्शन

कलेक्टर रवींन्द्र चौधरी को जैसे स्टार समाचार द्वारा इस मामले की जानकारी दी गई तो उन्होंने तत्काल एसडीएम को जिला अस्पताल भेजा तथा स्वास्थ्य विभाग को फटकार लगाई। वहीं लालता चौराहा से सभी मजदूरों को जिला चिकित्सालय सीधी में लाकर उनकी स्क्रीनिंग कराकर क्वॉरेंटाइन सेंटर भेज दिया गया है।

एसडीएम का नहीं उठा फोन

उक्त सभी मजदूरों के बारे में एसडीएम नीलांबर मिश्रा से संपर्क किया गया लेकिन कई फोन करने के बाद भी उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

जिले में लापरवाही पड़ सकती है भारी

अभी तक कोरोना को लेकर सुरक्षित सीधी जिले में इन दिनों नीचले प्रशासनिक स्तर की लापरवाही जिले में भारी पड़ सकती है। जिस तरह से मजदूरों का आना और नीचे के प्रशासनिक अमले को उक्त सभी मजदूरों के बारे में जानकारी ना होना कहीं ना कहीं सवाल खड़ा करता है। जो सीधी जिले को भारी पड़ सकता है।

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