लॉकडाउन का असर मुर्गी पालन व्यवसाय पर भी दिखा-

– पूरे देश में लॉक डाउन की वजह से अनेक काम धंधे चौपट हो चुके हैं और हजारो लोग बेरोजगार हो चुके हैं इन सबके पीछे सिर्फ एक ही वजह है वह है कोरोना नाम की बीमारी जिसके चलते पूरी दुनिया और देश को लॉक डाउन कर दिया गया है जिसकी वजह से सभी तरह के काम धंधे उद्योग व्यापार सब ठप्प हो गए हैं लॉक डाउन की मार का असर मुर्गी पालन व्यवसाय के ऊपर भी साफ नजर आता है मुर्गी पालन का व्यवसाय पूरी तरह से इस बीमारी की भेंट चढ़ गया है मुर्गी पालन करने वाले व्यापारियों को ना चाहते हुए भी अपने व्यवसाय को पूरी तरह से खत्म कर देना पड़ा है सीधी शहर से लगे ग्राम बंजारी के पास कीटहनि गांव में स्थित मुर्गी पालन केंद्र की भी यही स्थिति है जब से इस बीमारी की खबर आई है तब से इस मुर्गी फार्म को बंद कर दिया गया है इसमें काम करने वाले अनेक लोग बेरोजगार होकर अपने घरों की ओर चले गए वहीं इस धंधे को करने वाले व्यवसायियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है हमारी टीम ने जब मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया तो गांव वालों ने बताया कि मुर्गी पालन के व्यवसाय को विगत 3 महीने पहले ही बंद कर दिया गया क्योंकि यहाँ चीन से आ रही बीमारी की खबरों की जानकारी मिल गई थी और लोगों को खतरा हो रहा था कि यह बीमारी कहीं मुर्गो की वजह से ना हो इससे विगत 3 महीने पहले इसे बंद कर दिया गया है। मुर्गी पालन केंद्र बंद होने पर मुर्गी पालन का व्यवसाय करने वाले मालिकों पर दोहरी दोहरी मार पड़ रही है एक तो उनका व्यवसाय खत्म हो गया वहीं दूसरी तरफ उनको बिजली का बिल भी भुगतना पड़ रहा है और ब्याज में लिए गए पैसों का ब्याज भी भरना पड़ रहा है इस संबंध में कीटहनि गांव में मुर्गी पालन करने वाले किसान से हमने बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने इस धंधे को विगत 3 माह पहले ही बंद कर दिया था जिसकी वजह से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है इसके साथ ही उन्होंने सिटी हलचल के द्वारा पूछे गए इस मुर्गी पालन के व्यापार में होने वाले प्रदूषण के संबंध के साथ कई सवालों के जवाब दिए उन्होंने आशंका जताई कि अब यह व्यापार ना जाने कब प्रारंभ होगा।
