नेशनल लोक अदालत में हुआ 2138 प्रकरणों का निराकरण

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सीधी धर्मेंद : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में दिनांक 11 मई 2024 को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री सुधीर सिंह चैहान, विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत श्रीमती रमा जयंत मित्तल, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह, एवं अन्य न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलन कर किया गया। विशेष न्यायाधीश श्रीमती रमा जयंत मित्तल ने न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण से प्रकरणों का निराकरण मध्यस्थता के माध्यम से करने की अपील की एवं अभिभाषकगण से सहयोग की अपेक्षा की। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री सुधीर सिंह चैहान ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर निराकरण हो जाता है जिसके बाद दोनों पक्षों में आपसी वैमनस्यता समाप्त हो जाती है। श्री चैहान ने कहा कि नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह लोक अदालत इस वर्ष की दूसरी लोक अदालत है और लोक अदालत को सफल बनाने में वकीलों का अहम योगदान रहा है। समझौता एक ऐसा विकल्प है जिसमें आगे होने वाली लड़ाई समाप्त हो जाती है। श्री सिंह ने कहा कि नेशनल लोक अदालत एक कल्याणकारी योजना है जिसके माध्यम से सिविल, आपराधिक, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद का निराकरण समझौते के आधार पर हो जाता है। एक स्वच्छ समाज की कल्पना के लिए ये एक अच्छा माध्यम है। श्री सिंह ने अभिभाषकगण को अंतिम समय तक लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करने हेतु बल दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्री वीरेन्द्र जोशी ने मध्यस्थता के बारे में विस्तार से बताया तथा यह भी बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण जल्दी हो जाता है। श्री जोशी ने यह भी बताया कि किसी भी विषय पर दो पक्षों में विवाद उत्पन्न होने पर सर्वप्रथम उसे मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने के प्रयास किया जाना चाहिए। इसके साथ ही न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण से मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करने हेतु प्रेरित किया। श्री जोशी ने नेशनल लोक अदालत के अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। श्री जोशी ने अधिवक्तागण से प्रकरणों का मध्यस्थता के माध्यम से अंतिम समय तक निराकरण करने की अपील की एवं अभिभाषकगण से सहयोग की अपेक्षा की। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिद्धार्थ शुक्ला ने शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित हुये समस्त अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन श्री रूपेन्द्र कुमार मिश्रा सहायक ग्रेड-3 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश श्री मुकेश कुमार, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव, तृतीय जिला न्यायाधीश श्री विकास चैहान, चतुर्थ जिला न्यायाधीश श्री गौतम कुमार गुजरे, तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुश्री उर्मिला यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लक्ष्मण डोडवे, न्यायाधीशगण सर्वश्री, सोनू जैन, श्रीमती शोभना मीणा, श्रीमती रेनू श्रीवास्तव, श्रीमती सोनम शर्मा, अभिषेक साहू, अनिरूद्ध कुमार उचाड़िया, सुशील गहलोत, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री विनोद कुमार श्रीवास्तव, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री सत्यप्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री देवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी तथा अधिवक्तागण श्री राजेन्द्र सिंह परिहार, श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव, श्री विद्याकांत मिश्रा सहित अन्य अधिवक्तागण तथा विद्युत विभाग, बैंक एवं नगरीय निकाय के प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सदस्य एवं जिला न्यायालय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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