जनसुनवाई में कलेक्टर अपना इस्तीफा देने पहुंची सरपंच गीता देवी तिवारी

सीधी धर्मेंद : 13 जून को जनसुनवाई में कलेक्टर साकेत मालवीय द्वारा जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों से आए 160 आवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई तथा उसके निराकरण के लिए निर्देश दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर आवेदकों को तत्काल पावती भी उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर श्री मालवीय ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि जिन आवेदन पत्रों में समय सीमा निर्धारित किया जाता है उसको तत्काल विभाग प्रमुख अपने संज्ञान में लेकर निराकरण कर संबंधित शिकायतकर्ता सूचित करें। जनसुनवाई में कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों की उपस्थिति न होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। 13 जून को जिला पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में विगत जनसुनवाई में ग्राम पंचायत अहिरान टोला जनपद पंचायत रामपुर नैकिन से आई महिला सरपंच गीता देवी तिवारी ने कलेक्टर को सूचना दिया था कि उनके ग्राम पंचायत में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और उनके गांव के मजदूरों को मजदूरी नहीं दी जा रही है उस पर जल्दी जांच कर की कार्यवाही नहीं की गई तो वह 13 जून को आत्मदाह कर लेंगी लेकिन 13 जून को वह जिला पंचायत सरपंच अपने गांव के लोगों के साथ पहुंची लेकिन उन्होंने एन टीवी इंडिया न्यूज़ को बताया कि अब वह आत्मदाह नहीं करेंगी क्योंकि जिला प्रशासन ने उनकी मांग पर जांच दल तो गठित कर दिया लेकिन अभी जांच नहीं की गई है आगे सरपंच ने कहा कि उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है उस से दुखी होकर अब वह अपना इस्तीफा जिले को कलेक्टर को देकर अपना पद छोड़ने वाली हैं। वही सरपंच के साथ उनके गांव की आई जनता ने एन टीवी इंडिया न्यूज़ से कहा कि वह चाहती है कि श्रीमती गीता देवी तिवारी गांव की सरपंच बनी रहे वह उन्हें इस्तीफा देने से रोकने के लिए उनके साथ आई है। सरपंच और ग्रामीणों के साथ आए सरपंच पति यज्ञ नारायण तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई बार आवेदन देने के बाद भी इस बार भी उनके साथ वही खेल हुआ जांच दल तो गठित किया गया लेकिन जांच कार्यवाही नहीं हो रही है इसलिए वह अब गांव की सरपंची नहीं चाहते हैं। जनपद पंचायत रामपुर ग्राम ग्राम टोला की सरपंच श्रीमती गीता देवी तिवारी ने एक बार फिर से जिला प्रशासन पर अपनी मांग मनवाने के लिए इस्तीफे का दांव खेला है अब देखना है कि जिला प्रशासन गांव की सरपंच की इस दांव पर किस तरह की कार्यवाही करता है।
