सीधी शहर में अवैध बाजार बैठकी वसूली से व्यापारी परेशान प्रतिदिन बन रही विवाद की स्थिति

सीधी धर्मेंद : व्यापारी संघ सीधी व सब्जी फल एसोसिएशन सीधी द्वारा एक विग्यप्ति जारी करके कहा गया है की नगर पालिका परिषद सीधी मे 1 अप्रैल को बाजार बैठकी वसूली के लिए हुए नए ठेकेदार एमपी सिंह चौहान फर्म- (सुदर्शन जी एंड संस एल.एल.पी.) को प्राप्त हुआ जिनके द्वारा निरंतर व्यापारियों और मोटर संचालकों व ड्राइवरों से अवैध वसूली की जा रही है, जिसमें उनके द्वारा नगरपालिका के उपर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, और नगर पालिका प्रशासन द्वारा जो रेट सूची और वसूली करने का विवरण शहर के मुख्य स्थानों में चश्पा कराया गया है उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है, और व्यापारी व बाहर से आए हुए वाहनों के ड्राइवर द्वारा जब इन नियमों का हवाला दिया जाता है तो उनसे बहस और धमका कर सरहंगता पूर्वक वसूली की जा रही है, जिसके चलते व्यापारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है, और इसका जल्द निराकरण नहीं किया गया तो किसी दिन अप्रिय घटना घटित होने की आशंका है। व्यापारी संघ सीधी व सब्जी फल एसोसिएशन सीधी द्वारा लगातार इसकी शिकायत मुख्य नगरपालिका अधिकारी से की गई जिसके साक्ष्य भी साथ में संलग्न किए गए, जिसके बाद आग्रह करने पर अवैध वसूली का पंचनामा भी बनवाया गया, जिसके कई दिन बीतने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा ठेकेदारों की मनमानी वसूली पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, और ना ही विषय को गंभीरता से लिया गया। ठेकेदारों द्वारा हर पिकअप वाहन पर ₹50 की वसूली की जा रही है जो नगर पालिका के दिशा-निर्देश के अनुसार अवैध है एवं जब बड़े व्यापारियों द्वारा माल को छोटे व्यापारियों या ग्राहकों के पास अपने छोटे वाहनों से नगरपालिका क्षेत्र के अंदर ही पहुंचाया जाता है, उन वाहनों से भी जबरदस्ती वसूली की जा रही है जबकि नगर पालिका के दिशा- निर्देशानुसार अगर व्यापारी अपना माल नगरीय क्षेत्र में ही छोटे दुकानदारों या ग्राहक को छोटे वाहनों से पहुंचाता है तो ऐसी स्थिति में उनसे किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेने के निर्देश हैं, जिसके अनगिनत साक्ष्य व्यापारियों के पास मौजूद हैं। नगर पालिका सीधी के बाजार बैठकी की वसूली के दिशा निर्देशों का ठेकेदारों द्वारा लगातार पालन नहीं किया जा रहा है, जिसकी सूचना कई बार मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दी गई है जिसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन उसे गंभीरता से नहीं ले रहा है और उनसे नियमानुसार वसूली नहीं करवा पा रहा है, जिस वजह से व्यापारियों में असंतोष है, जल्दी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सभी व्यापारी एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे।
