छठ का व्रत रखने वाली महिलाओ ने दिया डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य

सीधी धर्मेंद : छठ पर्व के प्रति लोगों के मन में विशेष आस्था है. यह पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन मनाया जाता है और इसलिए इसे छठ पर्व कहा जाता है. छठ पर्व नहाए-खाए से शुरू होता है और चौथे दिन उगते सूय्र को अर्घ्य देने के साथ ही इसका समापन होता है चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं. यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है छठ का पर्व यूं तो पूरी दुनिया में भारतवंशी लोगों द्वारा मनाया जाता है लेकिन सीधी जिले में भी छठ माता की महिमा से शहर के गोपाल दास बांध मैं छठ घाट बन गया जहां आज बड़ी संख्या में छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं और उनके परिजनों ने पहुंचकर देर शाम डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया शहर की गोपाल दास मार्ग पर एन टीवी इंडिया न्यूज़ ने छठ पर्व की इस विशेष पूजा का कवरेज किया इस दौरान छठ का व्रत रखने वाली महिलाओं ने छठ गीत गाय और एन टीवी इंडिया न्यूज़ को व्रत का महत्व भी बताया।
