महिला को सर्प ने काटा परिजन इलाज नहीं झाड़ फूक कराते रहे लोग तमाशा देखते रहे

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सीधी धर्मेंद : जमाना भले ही किस मी सदी में पहुंच गया हो लेकिन सीधी जिले में आज भी लोग परंपरागत अंधविश्वास नहीं छोड़ पा रहे हैं लोग आज भी मेडिकल साइंस के युग में सांप के काटे का इलाज अस्पताल में ना करा कर झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं और इस भरोसे का लोगों को खामियाजा भी भुगतना पड़ता है बावजूद इसके लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं ऐसा ही एक मामला 14 अगस्त को सम्राट चौक में सामने आया जहां पर एन टीवी इंडिया न्यूज़ को भारी भीड़ नजर आई मौके पर पहुंचने पर पता चला कि सीधी जिले की चुरहट विधानसभा अंतर्गत ग्राम गांव की एक महिला को किसी अज्ञात सर्प ने काट लिया जिसकी वजह से उसकी हालत बिगड़ने लगी आनन-फानन में उसके परिजन उसको लेकर इलाज के लिए जिला मुख्यालय की तरफ लेकर आए लेकिन परिजनों और अन्य लोगों की सलाह पर उन्होंने इलाज छोड़कर सम्राट चौक पर ही उक्त महिला की झाड़-फूंक शुरू करा दी पीड़ित महिला का चार चार ओझा मंत्रोच्चार के साथ मूंग और पानी के छींटे मार मार कर झाड़-फूंक करने लगे और इस सारे तमाशे को देखने के लिए वहां पर लोगों का जमघट लग गया झाड़-फूंक का यह सिलसिला घंटो चला इस दौरान कई लोगों ने इस तमाशे को बकवास बताते हुए पीड़ित महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात कही लेकिन परिजन और ओझा झाड़-फूंक में लगे रहेवह लोगों से लगातार कह रहे थे कि उन्हें विश्वास है कि झाड़-फूंक से सांप का जहर उतर जाएगा हालांकि झाड़-फूंक के दौरान महिला की हालत बहुत गंभीर नजर नहीं आ रही थी।  21वीं सदी में मेडिकल साइंस के युग में झाड़-फूंक का यह तरीका अब लोगों को छोड़कर इलाज पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि झाड़-फूंक से यदि काम ना बना तब तक इलाज के लिए काफी देर हो जाएगी ऐसे में पीड़ित को जान से हाथ धोना पड़ेगा और परिजनों को रोने के अलावा कोई दूसरा चारा भी नहीं बचेगा इसलिए लोगों को पहले इलाज कराना चाहिए झाड़-फूंक बाद में कराना चाहिए।

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