पारंपरिक रूप से मनाया गया नाग पंचमी का पर्व लोगो ने किए नाग देवता के दर्शन दंगल में पहलवानो ने लड़ी कुस्ती

सीधी धर्मेंद : पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन भारत के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर नाग देवता की पूजा आराधना की जाती है। कई लोग इस दिन नाग को दूध पिलाकर नाग देवता से रक्षा की कामना करते हैं। नागपंचमी के दिन नागों की पूजा के साथ ऋषि आस्तिक के जन्म की कथा और सर्प यज्ञ की कथा पढने से भी नाग देवता प्रसन्न होते हैं। 13 अगस्त को सीधी शहर में भी नाग पंचमी का पर्व पारंपरिक रूप से मनाया गया नाग पंचमी के मौके पर लोगों ने शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव को और नाग देवता को जल चढ़ाया इसके साथ ही बहुत से लोगों ने नाग देवता को दूध भी पिलाया नाग पंचमी के दिन दंगल के आयोजन भी किए जाते हैं पारंपरिक रूप से दंगल में पहलवान अपनी दमखम का प्रदर्शन करते हुए कुश्ती लड़ते हैं सीधी शहर में इस वर्ष भी नगर पालिका व्यायामशाला में दंगल का आयोजन किया गया जिसमें सीधी शहर सहित आसपास के कई गांवों के दर्जनों पहलवानों ने हिस्सा लिया दंगल में मुख्य अतिथि के रुप में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान मौजूद थे दंगल में पहलवानों ने अपने जोड़ी के साथ कुश्ती लड़ी और अपने दमखम का प्रदर्शन करके कुश्ती जीती और आयोजन कमेटी के द्वारा दिए जा रहे पुरस्कार को प्राप्त किया पालिका व्यायामशाला में दंगल को देखने के लिए जनता बड़ी संख्या में मौजूद थी
