कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की खोली पोल कहा मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान ने

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सीधी धर्मेंद : मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह ने कहा कि पूरे देश के साथ मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है हालात यह है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों व कोविड केयर सेंटर में न तो ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित है न पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर व बेड उपलब्ध हैं जिलों के साथ तहसील व ग्राम पंचायतों की स्थिति तो और भी बद से बदत्तर है गाँवों में हालत बिगड़ने पर पेड़ों के नीचे मरीजों का इलाज मेडिकल स्टाफ की सलाह पर परिजन स्वयं करने को मजबूर होते हैं अस्पतालों के पास एम्बुलेंस नहीं है जिससे गंभीर मरीज को शीघ्र बड़े हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा सके घोषणा मुख्यमंत्री के नाम पर मशहूर शिवराज सिंह चुनावी सभाओं में जनता से लम्बे लम्बे वादे करते जाते हैं लेकिन जमीनी हालात कोरोना महामारी में जनता के सामने स्वास्थ्य व्यवस्था को बयाँ कर रहे है शिवराज सिंह में सच्चाई का सामना करने की हिम्मत नहीं रही इसीलिये प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों को दबाया जा रहा है जिसकी सच्चाई श्मशान घाट के रिकार्ड बता रहे हैं ज्ञान सिंह ने सरकार द्वारा उठाये जा रहे क़दमों पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश में आग लगने पर कुआँ खोदने की कहावत को चरितार्थ किया गया जहाँ कोरोना वायरस की जानकारी नवम्बर.19 में आ गई थी तथा जनवरी.20 में भारत में पहला केस सामने आया उसके बाद से सरकार ने 15 महीनों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की कोई पहल नहीं की जिससे अस्पतालों में ऑक्सीजन व बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके जबकि विश्व के सभी वैज्ञानिक व चिकित्सा सलाहकारों द्वारा चेताया जा रहा था की कोरोना एक महामारी है और यह कभी भी विकराल रूप ले सकती है लेकिन हमारी सत्तारूढ़ सरकारें आम जनता की जान से ज्यादा चुनाव को महत्त्व देती रही मप्र में सत्ता प्राप्त करने के बाद से भाजपा की शिवराज सरकार नाम मात्र के लिए नये प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को खोलने की प्रक्रिया की लेकिन उनमे भी स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति करने में हीला हवाली की प्रक्रिया अपनायी जाती रही पदों की विज्ञप्ति जारी होने के बाद भी उसे नियमों में उलझाकर दो तीन महीने बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता था जबकि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष डॉक्टर नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ हजारों की संख्या में प्रशिक्षित होकर सेवा देने के लिए तैयार होते हैं सरकार द्वारा स्वास्थ्य के बजट से केवल ठेकेदारों एवं बड़े बिजनेसमैन को फायदा पहुँचाने के लिए निर्माण और मशीनरी में पैसा खर्च किया जाता था लेकिन अस्पतालों से स्वास्थ्य लाभ देने के लिए स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जाती थी जिसके कारण कई केंद्रों में ताले पड़े हैं तथा करोंडो की मशीन जंग खा रही हैद्य स्वास्थ्य शिक्षा एवं नियुक्ति के मामले में शिवराज सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि पीएमटी व्यापम घोटाला है जो प्रदेश को विश्व में व्यवस्था की बदनामी की पहचान दिलाये हुए है केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य की दृस्टि से लाई गई आयुष्मान कार्ड योजना को कोरोना के 15 महीने बीतने के बाद तब लागू किया गया जब आधे से अधिक गरीब पैसे के अभाव में घरए गहने बेचकर कर्जदारी के बोझ तले अपनों को बेहतर इलाज न मिल पाने की वजह से खो दियेद्य ज्ञान सिंह ने शासकीय अस्पतालों की दुर्दशा की ओर इशारा करते हुए कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री व बड़े नेता कोरोना पॉजटिव होने पर बेहतर इलाज के लिए प्रायवेट हॉस्पिटल की शरण में जाते हैं जबकि आम नागरिक से हर वस्तु का टैक्स लेने के बाद भी उसे शासकीय अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा क्यों नहीं दी जातीद्य यदि सरकार हमारे डॉक्टरए नर्स व पैरामेडिकल स्टॉफ को अच्छी सुविधाएँ दे तो उन्हें प्रायवेट हॉस्पिटल में सेवा न देना पड़े और आम जनता को बेहतर इलाज मिल सके लेकिन ऐसा ना होना निश्चित तौर पर सरकार का निहित स्वार्थ सिद्ध करता है जो निजी अस्पतालों को मनमानी का बढ़ावा देता है जिस कारण आयुष्मान जैसी सरकारी योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा देने से निजी अस्पताल खुले आम इंकार कर देते हैं और सरकार इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर पाती कांग्रेस कमेटी प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की भेंट चढ़ चुके मृत व्यक्तियों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से मांग की है कि कोरोना की तीसरी लहर आने के पूर्व सभी अस्पतालों में जिले की जनसंख्या के अनुपात में बेड की संख्या वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये स्वास्थ्य सुविधा देने वाले डॉक्टर स्टॉफ नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अविलम्ब भर्ती कर उन्हें जिला ब्लॉक एवं पंचायतों के स्वास्थ्य केन्द्रों में भेजा जाये जिससे वे बीमार व्यक्तियों की देखभाल कर उन्हें महामारी से मुक्त कर सकें क्योंकि केवल मशीनें खरीदने या वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने से जाने नहीं बचाई जा सकती तीसरी लहर के पूर्व प्रदेश के सभी लोगों का शत.प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जाये इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले को पर्याप्त वैक्सीन की मात्रा उपलब्ध कराई जाये और ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीन लगवाने के लिये लोगों को जागरूक करने का कार्य प्रशासन तत्परता से करे।

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