किसान वार्ता पूरी हुई सिर्फ पूँछ निकली है हाथी अभी बाकी है कहा उमेश तिवारी ने

सीधी धर्मेंद : टोंको.रोंको.ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बताया कि कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पर अडै़ किसान संगठनों के साथ बैठक में सरकार ने पराली जलाने को लेकर किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई रोकने और विद्युत संशोधन अधिनियम की वापसी पर राजी हो गई है। हालांकि छठे दौर की वार्ता में तीनों कानून वापस लेने और एमएसपी पर बात नहीं बनी और दोनों पक्ष इन पर चर्चा के लिए चार जनवरी को सातवीं बार आमने.सामने होंगे। उमेश तिवारी ने बताया किए सरकार एमएसपी खरीद पर कानूनी गारंटी देने को तैयार नहीं है। दिल्ली के विज्ञान भवन में बुधवार को हुई वार्ता में शामिल 41 किसान संगठनों को एमएसपी खरीद प्रक्रिया के बेहतर अनुपालन के लिए समिति बनाने का प्रस्ताव दिया लेकिन यह प्रस्ताव किसानों के एजेंडे से मेल नहीं खाता और इसका किसानों की मांगों पर असर नहीं होता। सरकार की तरफ से सामिल तीन मंत्रियों केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमरए खाद्य एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने दिल्ली.एनसीआर व आसपास वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए आयोग के अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर रखने और विद्युत संशोधन विधेयक.2020 के मसौदे की वापसी पर सहमति जताई। दोनों पक्षों के बीच पांच घंटे से ज्यादा चली बैठक में किसान तीनों कृषि कानून वापस लेने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पर अड़े रहे। उमेश तिवारी ने बताया कि सरकार के तानासाही के चलते गतिरोध खत्म न होने के कारण किसान अपने घर नही लौटेगे और परिवार के साथ नए साल का जश्न नही मनाएंगे। दोनों प्रमुख मुद्दों पर सहमति न बनने से अब किसानों का नया साल दिल्ली की सीमा पर ही मनेगा। बैठक में सरकार द्वारा प्रमुख मांगे नहीं माने जाने पर किसानों ने कहा कि हम पूरी तैयारी से आए हैं और मांगें मनवाए बिना नहीं जाएंगे।
