देश और प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु जिला आपदा संकट प्रबंधन समिति का बैठक आयोजन किया गया


22 नवम्बर को देश और प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु जिला आपदा संकट प्रबंधन समिति का बैठक आयोजन किया गया। सांसद रीती पाठक, कलेक्टर रवींद्र कुमार चैधरी एवं पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत द्वारा जिले में भी बढ़ रहे केसों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी प्रबुद्ध नागरिकों से लोगों को संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु जागरूक करने की अपील की गई। सांसद श्रीमती पाठक ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं कठोर कदम उठाए जाएं तथा बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक तैयारियां रखी जाएं। सांसद द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों एवं बैंकों में लगने वाली भीड़ पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। सांसद द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर संक्रमण की रोकथाम हेतु आवश्यक सामग्रियों जैसे नान कॉन्टैक्ट थर्मामीटर आदि उपलब्ध कराने हेतु सांसद निधि से राशि उपलब्ध करायी गयी है। कलेक्टर श्री चैधरी ने कहा कि कोविड-19 का संकट अभी टला नहीं है। आपकी थोड़ी सी भी लापरवाही आपके और आपके परिवार के लिए घातक हो सकती है, इसलिए विशेष सावधानी और सतर्कता रखें। कलेक्टर श्री चैधरी द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाईजरी के पालन की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि केवल अति आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। संक्रमण संभावित वस्तुओं के संपर्क में आने पर तथा नियमित अंतराल में अपने हांथों को साबुन-पानी से स्वच्छ करें या सेनेटाइज करें। सार्वजनिक स्थानों में दो गज की दूरी का ध्यान रखें। कलेक्टर श्री चैधरी ने कहा कि कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी, खांसी, बुखार , सांस लेने में तकलीफ होने पर अपने नजदीकी फीवर क्लीनिक में जांच कराएं। पुलिस अधीक्षक श्री कुमावत ने बताया कि शासन द्वारा जारी निर्देशों के उल्लंघन पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों में मास्क नहीं लगाने पर, सार्वजनिक स्थानों में थूकने, दुकानों में अनावश्यक भीड़ लगाने तथा सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने पर जुर्माने के साथ-साथ वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। आपकी लापरवाही से आपके साथ-साथ अन्य लोगों को भी खतरा हो सकता है, इसलिए अपने प्रियजनों के जीवन की रक्षा के लिए स्वयं भी सावधानी रखें तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
